बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह ढूंढने से मनाया गया। उपाधि मिलते ही मेधावियों के चेहरे खलील गए। हालांकि इससे पहले ट्रेन लेट होने फिर खराब मौसम के कारण कुलाधिपत राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समारोह में उपस्थित होने के लिए बरेली नहीं आ सकीं। हालांकि वह ऑनलाइन माध्यम से समरोह में जुड़ीं। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति केपी सिंह, मुख्य अतिथि डॉ. राकेश कुमार और सांसद छत्रपाल गंगवार ने मेधावियों को उपाधि का वितरण किया।


मंच पर सभी 82 मेधावियों को बुलाकर दी गई उपाधि
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों में टॉपर कुल 82 छात्र-छात्राओं को उपाधि का वितरण किया गया। इसमें 69 छात्राएं और 13 छात्र शामिल हैं। राज्यपाल आनंदी बेन के नहीं आने के कारण सभी 82 मेधावियों को मंच पर बुलाकर उपाधि प्रदान की गईं। हालांकि पहले सिर्फ 24 मेधावियों को ही मंच से उपाधि वितरण होना था।

सांसद छत्रपाल गंगवार बोले शपथ लेना आसान, निभाना कथन
सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा कि शपथ लेना आसान है लेकिन निभाना कथन। बहुत सारे विदेशी बच्चे यहां पढ़ रहे हैं इसको देखकर मुझे प्रसन्नता हुई। जब मैं करीब 45 वर्ष पहले पढ़ता था तो उसके मुकाबले काफी सकारात्मक बदलाव आए हैं। मैं प्रधानाचार्य रहा हूं तो मुझे शिक्षा के छात्र में कमियों को भली भांति जनता हूं। ऐसे में नई शिक्षा नीति लागू होनी ही थी। एक बात और यहां जो शपथ ली गई वो शपथ लेना आसान है निभाना कथन है। मुझे उम्मीद है इस विश्वविद्याल के छात्र इसको पूरी तरह निभाएंगे।


मानवीय मूल्यों को कदाचित न भूले छात्र कुलपति
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो केपी सिंह ने कहा कि डिजिटल योग सेफ सेंटर विकसित कर रहा है। मानव तंत्र नष्ट न हो इसके लिए स्क्रीन टाइम की जगह मानवीय मूल्यों को कदाचित नहीं भूलना चाहिए। उन अभिभावकों का धन्यवाद जिन्होंने अपने बच्चों को शिक्षित करने का कार्य पूरा किया। हमारा सफर यहीं समाप्त नहीं होता है, अब नए सफर का आगाज होगा। उम्मीद है आप सभी छात्र नई शिखरों पर पहुंचेंगे और अपने नए लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।













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