बहेड़ी। जमीन खरीद के नाम पर मोटे कमीशन का लालच देकर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। बदायूं के धान व्यापारी की शिकायत पर बहेड़ी पुलिस ने बसपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नसीम अहमद समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, नसीम अहमद ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है।
बदायूं जिले के देवचरा बाजार निवासी धान व्यापारी राम प्रसाद ने एसएसपी से शिकायत कर बताया कि एक व्यक्ति विजय ने उनसे संपर्क कर कहा कि एक कंपनी बहेड़ी क्षेत्र में जमीन खरीदना चाहती है। इसके बाद गिरि और अजीत नामक लोगों ने खुद को कंपनी का प्रबंधक बताते हुए कहा कि पहले वह जमीन अपने नाम खरीद लें, बाद में कंपनी उसे खरीद लेगी और उन्हें अच्छा कमीशन मिलेगा।
विश्वास दिलाने के लिए नेता का नाम जोड़ा, फिर ले ली रकम
शिकायतकर्ता का आरोप है कि भरोसा दिलाने के लिए आरोपियों ने बहेड़ी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नसीम अहमद को भी पूरे सौदे में शामिल बताया। उनके प्रभाव और भरोसे में आकर उन्होंने आरोपियों को रकम दे दी। कुछ समय बाद जब रुपये वापस मांगे तो आरोपियों के मोबाइल फोन बंद मिलने लगे।
रुपये मांगने पहुंचे तो मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप
राम प्रसाद का आरोप है कि 28 मार्च 2025 को वह नसीम अहमद के घर रुपये मांगने पहुंचे, जहां उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद 21 अप्रैल को बहेड़ी थाने में तहरीर दी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आखिरकार एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
बसपा नेता नसीम समेत पांच नामजद, पुलिस ने शुरू की जांच
सीओ बहेड़ी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर नसीम अहमद, बाबू मुनीम, गिरि, अजीत और विजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नसीम बोले- चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद रची गई साजिश
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नसीम अहमद ने सभी आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता ने उन्हें छह लाख रुपये का चेक दिया था, लेकिन खाते में राशि न होने के कारण वह भुन नहीं सका। वहीं, तीन लाख रुपये नकद लिए गए थे, जिन्हें बाद में आरटीजीएस के माध्यम से वापस कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था और शिकायतकर्ता ने लिखित रूप से स्वीकार किया था कि अब कोई लेन-देन शेष नहीं है। नसीम का कहना है कि विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद उन्हें राजनीतिक रूप से घेरने की कोशिश की जा रही है।
बहेड़ी की राजनीति में रहा है नसीम का प्रभाव
नसीम अहमद बहेड़ी की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में वह बसपा के प्रत्याशी थे और मामूली अंतर से दूसरे स्थान पर रहे थे। उनकी पत्नी फौजुल बहेड़ी नगर पालिका की चेयरमैन रह चुकी हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने सपा से टिकट की दावेदारी भी की थी, लेकिन टिकट न मिलने के बाद चुनाव नहीं लड़ा। अब उनके खिलाफ दर्ज हुए इस मुकदमे ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।













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