उर्स-ए-रजवी की तैयारियां अंतिम चरण में, एडीजी ने व्यवस्थाओं की मांगी रिपोर्ट, बोले- जायरीन की सुरक्षा में नहीं होनी चाहिए चूक

उर्स-ए-रजवी, urs-e-razvi

बरेली 6 से 8 अगस्त तक आयोजित होने वाले उर्स-ए-रजवी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। लाखों जायरीनों की आमद को देखते हुए सोमवार को पुलिस लाइन में पुलिस-प्रशासन और दरगाह प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक हुई।

एडीजी रमित शर्मा ने उर्स-ए-रजवी में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों से तैयारियों की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्स-ए-रजवी के दौरान जायरीनों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियां समय से पूरी करें।

बैठक में डीआईजी अजय कुमार सहानी और कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक, भीड़ प्रबंधन और विभिन्न विभागों के समन्वय की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लाखों जायरीनों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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सुरक्षा व्यवस्था पर रहा बैठक का मुख्य फोकस

बैठक में उर्स-ए-रजवी के दौरान दरगाह परिसर, इस्लामिया मैदान और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, पैदल गश्त, महिला सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और कंट्रोल रूम के संचालन पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन पर बनी रणनीति

उर्स-ए-रजवी के दौरान शहर में लाखों जायरीनों के आने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। पार्किंग स्थलों का निर्धारण, डायवर्जन प्लान, प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन और कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

दरगाह प्रतिनिधियों ने रखा अपना पक्ष

बैठक में मौजूद दरगाह प्रतिनिधियों ने उर्स से जुड़ी व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं से प्रशासन को अवगत कराया। उन्होंने सुरक्षा, साफ-सफाई, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं को लेकर सुझाव भी दिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया और आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने किया स्थलीय निरीक्षण

बैठक से पहले एडीएम सिटी संतोष कुमार सिंह और एसपी सिटी मानुष पारीक दरगाह आला हजरत पहुंचे। उन्होंने दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां से मुलाकात कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने दरगाह परिसर का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की तथा आवश्यक कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।

इस्लामिया मैदान में अंतिम चरण में तैयारियां

उर्स-ए-रजवी का मुख्य आयोजन इस्लामिया मैदान में होगा। यहां दरगाह कमेटी और नगर निगम संयुक्त रूप से तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मैदान में बिजली, पेयजल, अस्थायी शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का कार्य तेजी से कराया जा रहा है ताकि बाहर से आने वाले जायरीनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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स्वास्थ्य शिविर और पौधरोपण अभियान भी जारी

उर्स-ए-रजवी के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक सरोकारों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दरगाह की ओर से विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए पौधरोपण अभियान भी चलाया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सेवा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुफ्ती अहसन मियां ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि पौधे लगाना सुन्नत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम पौधरोपण के लिए सबसे उपयुक्त है और उर्स-ए-रजवी से लेकर ईद-मिलादुन्नबी तक छायादार एवं फलदार पौधे लगाने का अभियान जारी रखा जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ मिलेगा।

दरगाह परिसर में हुआ पौधरोपण

इसी क्रम में दरगाह परिसर और इस्लामिया मैदान में पौधरोपण किया गया। अभियान में ताहिर अल्वी, नासिर कुरैशी, मंजूर रज़ा, साजिद रज़ा, नईम नूरी, अब्दुल अहद, शाद रज़ा और अरवाज़ रज़ा सहित अनेक लोगों ने भाग लिया। दरगाह प्रबंधन का कहना है कि उर्स के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियान भी निरंतर जारी रहेंगे।

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