बरेली। सावन के पहले ही सोमवार को मानो भगवान भोलेनाथ की कृपा आसमान से बरस पड़ी। दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत दी, वहीं जलाभिषेक के लिए निकले हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों की आस्था को प्रकृति का भी आशीर्वाद मिल गया।
- बारिश की फुहारों के बीच शहर के प्रमुख शिवालयों में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष गूंजते रहे। भीगते हुए श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सुहावने मौसम ने कांवड़ यात्रा को और अधिक आनंदमय बना दिया, जबकि किसानों के लिए भी यह बारिश उम्मीदों की नई सौगात लेकर आई।

बारिश के बीच भी शिवालयों में उमड़ी आस्था की भीड़
सावन के पहले सोमवार को बारिश भी शिवभक्तों की आस्था को डिगा नहीं सकी। अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, धोपेश्वरनाथ, तपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, पशुपतिनाथ और वनखंडीनाथ सहित शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का गंगाजल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। कई श्रद्धालुओं का कहना था कि पहले सोमवार पर हुई यह बारिश भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा का प्रतीक है।
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सुबह से छाए बादल, दोपहर में जमकर बरसे मेघ
सोमवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और बारिश की संभावना बनी हुई थी। दोपहर होते-होते बादलों ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया और तेज बारिश शुरू हो गई। रविवार रात को भी शहर में बारिश हुई थी, जिससे मौसम पहले ही सुहाना हो चुका था। दोपहर की झमाझम बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी और उमस लगभग खत्म हो गई। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के पहले पखवाड़े और सावन के शुरुआती सप्ताह में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
- डीएम और एसपी ने कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से संवाद कर उनका हालचाल जाना और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कांवड़ियों की यात्रा हुई आसान, बढ़ा उत्साह
बारिश ने जलाभिषेक के लिए निकले कांवड़ियों को भी बड़ी राहत दी। पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी के कारण यात्रा चुनौतीपूर्ण हो रही थी, लेकिन सोमवार को मौसम सुहावना होने से शिवभक्तों का उत्साह और बढ़ गया। कांवड़िए पूरे जोश के साथ शिवालयों तक पहुंचे और विधि-विधान से जलाभिषेक किया। ठंडी हवाओं और हल्की बारिश के बीच धार्मिक माहौल और अधिक भक्तिमय नजर आया।
धान की फसल के लिए संजीवनी बनी सावन की बारिश
सावन की यह बारिश किसानों के लिए भी राहत लेकर आई है। जिले के अधिकांश किसान धान की रोपाई पूरी कर चुके हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। समय पर हुई वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे धान समेत खरीफ की अन्य फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही तो सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा और उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

भक्ति और प्रकृति का बना यादगार संगम
सावन के पहले सोमवार पर बरेली में आस्था और प्रकृति का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर मंदिरों में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी रही तो दूसरी ओर झमाझम बारिश ने पूरे शहर को राहत और ताजगी से भर दिया। इस बारिश ने केवल मौसम ही नहीं बदला, बल्कि शिवभक्तों, आम लोगों और किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी। सावन का पहला सोमवार बरेलीवासियों के लिए यादगार बन गया।













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