बरेली। शहर के धर्मकांटा चौराहा स्थित रुद्राक्ष अस्पताल में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की औचक जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। निरीक्षण में अस्पताल के बेसमेंट में मानकों के विपरीत नवजात शिशुओं की नर्सरी संचालित होती मिली। यहां कई नवजात भर्ती थे, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर नर्सरी को तत्काल बेसमेंट से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन नहीं होने पर नर्सरी को सील कर दिया जाएगा।
सीएमओ के निर्देश पर हुई औचक जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम बेसमेंट में संचालित नर्सरी, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की जांच अभियान चला रही है। इसी क्रम में नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अंसारी ने सोमवार को बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित अग्रवाल के रुद्राक्ष अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
बेसमेंट में मिला नर्सरी का संचालन
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के रिसेप्शन के सामने बेसमेंट में नर्सरी का बोर्ड लगा मिला। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम नीचे पहुंची तो वहां नवजात शिशुओं की नर्सरी संचालित होती मिली। जांच में कई नवजात भर्ती पाए गए, जिनका इलाज चल रहा था। डिप्टी सीएमओ ने इसे निर्धारित मानकों के विपरीत बताते हुए अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी आपत्ति जताई।
गंभीर नवजातों के कारण तत्काल सील नहीं हुई नर्सरी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के समय नर्सरी में भर्ती कई नवजातों की हालत गंभीर थी। मरीजों के हित को देखते हुए तत्काल नर्सरी को सील नहीं किया गया। हालांकि अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया गया है कि नर्सरी को तुरंत बेसमेंट से दूसरी उपयुक्त जगह स्थानांतरित किया जाए।
पालन नहीं हुआ तो होगी सीलिंग की कार्रवाई
नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अंसारी ने बताया कि रुद्राक्ष अस्पताल में बेसमेंट में नर्सरी का संचालन मानकों के विपरीत पाया गया है। अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर तत्काल नर्सरी शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो नियमानुसार नर्सरी को सील करने सहित आगे की कार्रवाई की जाएगी।













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