बरेली। दुनिया भर के सुन्नी मुसलमानों की आस्था का केंद्र माने जाने वाले आला हजरत इमाम अहमद रजा खान फाजिले बरेलवी के 108वें उर्स-ए-रजवी से पहले बरेली पूरी तरह रूहानी माहौल में डूब गया है। 6 से 8 अगस्त तक होने वाले तीन दिवसीय उर्स में देश-विदेश से लाखों जायरीनों के पहुंचने की उम्मीद है। दरगाह आला हजरत के आसपास की गलियां रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठी हैं, बाजार सज चुके हैं और शहर का व्यापार भी पूरे शबाब पर पहुंचने लगा है। इत्र, टोपी, तस्बीह, चादर, इस्लामी किताबें और धार्मिक सामान की दुकानों पर सुबह से देर रात तक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है।
दरगाह से जुड़े बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
उर्स शुरू होने से पहले ही कोहाड़ापीर, किला, बिहारीपुर, जखीरा, बाकरगंज और दरगाह क्षेत्र के बाजारों में रौनक लौट आई है। दुकानदारों का कहना है कि उर्स के दौरान बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। इस बार भी बड़ी संख्या में जायरीनों के आने की संभावना के चलते करोड़ों रुपये के कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है। शहर के छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े कारोबारी तक उर्स को लेकर उत्साहित हैं।

होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में बढ़ी बुकिंग
देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी अकीदतमंद बरेली पहुंचने लगे हैं। इसका असर होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की बुकिंग पर साफ दिखाई दे रहा है। कई ठहरने के स्थान लगभग भर चुके हैं, जबकि अगले दो दिनों में बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की संभावना है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक पर विशेष नजर
लाखों श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य लगातार दरगाह परिसर और इस्लामिया मैदान का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी। वहीं, कांवड़ यात्रा और उर्स को देखते हुए शहर में विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
लंगर, सबील और मेडिकल कैंप की व्यापक व्यवस्था
उर्स के दौरान विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की ओर से शहर के कई स्थानों पर निशुल्क लंगर, सबील और पेयजल स्टॉल लगाए जा रहे हैं। जायरीनों की सुविधा के लिए अस्थायी मेडिकल कैंप भी तैयार किए गए हैं। रेलवे स्टेशन और प्रमुख बस अड्डों से मदरसा जामियातुर्रजा तक 24 घंटे निशुल्क बस और ऑटो सेवा संचालित की जाएगी, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी से गंतव्य तक पहुंचाया जा सके।

5,000 वालंटियर संभालेंगे व्यवस्था
भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दरगाह प्रबंधन की ओर से 5,000 से अधिक प्रशिक्षित वालंटियर तैनात किए गए हैं। ये वालंटियर पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर जायरीनों को मार्गदर्शन देने, भीड़ नियंत्रित करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का काम करेंगे।
अमन, मोहब्बत और भाईचारे का देगा पैगाम
उर्स-ए-रज़वी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाला अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक समागम माना जाता है। हर वर्ष विभिन्न धर्मों के लोग भी दरगाह पहुंचकर अपनी अकीदत पेश करते हैं। यही वजह है कि उर्स का इंतजार सिर्फ जायरीन ही नहीं, बल्कि पूरे बरेली शहर को रहता है। इस बार भी शहर में रूहानियत, मेहमाननवाजी और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी तस्वीर देखने को मिलेगी।













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