बरेली। आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान फाज़िले बरेलवी के 108वें उर्स-ए-रज़वी का विधिवत आगाज़ गुरुवार शाम रज़वी परचम (परचम कुशाई) की रस्म के साथ होगा। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) अपने हाथों से देश-विदेश से आए जायरीन और उलेमा की मौजूदगी में परचम कुशाई की रस्म अदा करेंगे। इससे पहले सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की कयादत में पारंपरिक परचमी जुलूस निकाला जाएगा।
दरगाह और उर्स स्थल इस्लामिया मैदान में तीन दिवसीय उर्स के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंच, पंडाल, पुस्तक मेला, वुजूखाना, पूछताछ केंद्र, अस्थायी चिकित्सालय, शौचालय और पेयजल की व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देशन में नगर निगम ने इस्लामिया गेट से मुख्य मंच तक बालू, मोरंग, राविश और बजरी डालकर अस्थायी सड़क तैयार कराई है, ताकि बारिश के बावजूद जायरीनों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

फज्र के बाद कुरआनख्वानी, शाम को निकलेगा परचमी जुलूस
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि गुरुवार को फज्र की नमाज के बाद दरगाह पर कुरआनख्वानी होगी। शाम पांच बजे आज़म नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास से परचमी जुलूस निकलेगा, जिसकी कयादत मुफ्ती अहसन मियां करेंगे। जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग कुमार सिनेमा, इंदिरा मार्केट और बिहारीपुर ढाल होते हुए दरगाह पहुंचेगा। यहां सलामी के बाद दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां की अगुवाई में जुलूस जिला परिषद मार्ग से इस्लामिया मैदान पहुंचेगा, जहां उर्स के औपचारिक शुभारंभ का ऐलान किया जाएगा।

इस्लामिया मैदान में सजने लगीं किताबों की दुकानें
उर्स-ए-रज़वी के आगाज़ से पहले इस्लामिया मैदान में धार्मिक पुस्तकों की दुकानें सजने लगी हैं। देशभर के प्रकाशकों और विक्रेताओं ने आला हज़रत की तालीमात, इस्लामी साहित्य, फतावा, नातिया संग्रह, कुरआन शरीफ, हदीस की किताबें, बच्चों के दीनी साहित्य और उर्दू-अरबी पुस्तकों के स्टॉल लगाने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा इत्र, टोपी, तस्बीह, जानमाज़, चादर और अन्य धार्मिक सामान की दुकानें भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। उर्स में आने वाले जायरीन इन स्टॉलों से दीनी किताबों और धार्मिक वस्तुओं की खरीदारी कर सकेंगे।

मेडिकल कैंप रहेगा 24 घंटे सक्रिय
उर्स-ए-रज़वी में आने वाले लाखों जायरीनों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस्लामिया मैदान में 24 घंटे संचालित अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित किया गया है। कैंप में डॉक्टरों की टीम, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस भी तैनात रहेगी, ताकि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके और जरूरत पड़ने पर नजदीकी अस्पताल रेफर किया जा सके।













Leave a Reply