बरेली। जुलाई माह में बरेली पुलिस ने CEIR पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से 455 गुम और चोरीशुदा मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 91 लाख रुपये है। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।
एसपी क्राइम मनीष कुमार सोनकर ने बताया पुलिस का यह अभियान लगातार असर दिखा रहा है। आधुनिक तकनीक और साइबर टीम की सक्रियता के चलते ऐसे मोबाइल भी बरामद हो रहे हैं, जिनकी वापसी की उम्मीद लोगों ने लगभग छोड़ दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल गुम होने के बाद समय पर शिकायत दर्ज कराने और CEIR पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध होने से बरामदगी की संभावना काफी बढ़ जाती है।
डेढ़ साल में 12.36 करोड़ के मोबाइल मालिकों तक पहुंचाए
मोबाइल बरामदगी के आंकड़े भी बरेली पुलिस की सक्रियता की गवाही दे रहे हैं। जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक पुलिस ने 6,180 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ 36 लाख रुपये है। वहीं सिर्फ जनवरी से जुलाई 2026 के बीच ही 3,048 मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 6 करोड़ 9 लाख 60 हजार रुपये आंकी गई है।

बहेड़ी रहा नंबर-1, इज्जतनगर और नवाबगंज भी अव्वल
मोबाइल बरामदगी में बहेड़ी थाना सबसे आगे रहा, जिसने 46 मोबाइल खोज निकाले। इसके बाद इज्जतनगर (33), नवाबगंज (29), कोतवाली (28), आंवला (28), कैंट (24), बारादरी (24), भमोरा (22), बिथरी चैनपुर (22), सुभाषनगर (18), मीरगंज (17), फरीदपुर (17), प्रेमनगर (15), सीबीगंज (15), देवरनियां (13), किला (12), भुता (11), शेरगढ़ (10), भोजीपुरा (9), हाफिजगंज (9), शीशगढ़ (9), फतेहगंज पूर्वी (7), सिरौली (6), अलीगंज (6), फतेहगंज पश्चिमी (6), सर्विलांस सेल (6), शाही (5), बिशारतगंज (4) और क्योलड़िया (4) ने भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
बेहतरीन प्रदर्शन पर साइबर टीमों का सम्मान
मोबाइल बरामदगी अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कोतवाली, प्रेमनगर, कैंट, किला, सीबीगंज, इज्जतनगर, सिरौली, शाही, आंवला, भमोरा, फरीदपुर, भुता, भोजीपुरा, शीशगढ़, देवरनियां, शेरगढ़, नवाबगंज और क्योलड़िया थानों की साइबर टीमों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
एसपी क्राइम का बयान
एसपी क्राइम मनीष कुमार सोनकर ने बताया कि अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले थानों और साइबर टीमों को सम्मानित भी किया गया है, ताकि पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़े और भविष्य में भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई जारी रहे। उन्होंने कहा कि बरेली पुलिस आम लोगों की खोई हुई संपत्ति उन्हें वापस दिलाने के लिए आधुनिक तकनीक का लगातार उपयोग कर रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।













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