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कानपुर। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का अधिकारी बनकर लोगों को बीमा पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने का झांसा देने वाले पति-पत्नी को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर करीब 95 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया और उसी पैसे से लग्जरी लाइफस्टाइल जी रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक चेकबुक और एक लग्जरी कार बरामद की है।

कानपुर साइबर सेल सेंट्रल जोन और नजीराबाद थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने खुद को RBI अधिकारी बताकर लोगों को बंद हो चुकी बीमा पॉलिसियों का रिफंड दिलाने का भरोसा दिया और फिर फर्जी दस्तावेज भेजकर लाखों रुपये ठग लिए।

फर्जी नोटिस भेजकर जीतते थे भरोसा

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक सिंह खुद को रिजर्व बैंक का मैनेजर बताता था। वह लोगों को कॉल कर पॉलिसी रिफंड और निवेश के नाम पर भरोसे में लेता था। इसके बाद फर्जी RBI लेटर और नोटिस भेजे जाते थे ताकि पीड़ितों को शक न हो। जैसे ही लोग झांसे में आते, उनसे अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करा ली जाती। पुलिस का कहना है कि ठगी की रकम आरोपी अपनी पत्नी आंचल सिंह के खाते में भेजता था और बाद में दोनों मिलकर कैश निकालकर खर्च करते थे।

लग्जरी कार और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद

जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और खातों की पड़ताल कर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद दोनों को जेके मंदिर क्षेत्र के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से HP लैपटॉप, मोबाइल फोन, कई बैंक खातों की चेकबुक, एटीएम कार्ड, फर्जी RBI दस्तावेज और महिंद्रा XUV 3XO कार बरामद की है। पुलिस का दावा है कि कार भी ठगी के पैसों से खरीदी गई थी।

कई और पीड़ितों की तलाश में पुलिस

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुल्तानपुर निवासी दीपक सिंह और उसकी पत्नी आंचल सिंह के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया और ठगी का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।

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