बरेली। उर्स-ए-आला हजरत के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का दमखम सड़क पर उतार दिया। जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य खुद उर्स क्षेत्र में पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। डीएम-एसएसपी ने बिहारीपुर पुलिस चौकी से इस्लामिया ग्राउंड, नौमहला मस्जिद होते हुए दरगाह आला हजरत तक पुलिस और पीएसी के साथ फ्लैग मार्च किया। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए जायरीनों से सीधे बातचीत कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।
फ्लैग मार्च के दौरान एसएसपी अनुराग आर्य ने जायरीनों को भरोसा दिलाया कि उर्स में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।
लंगर कमेटी और वॉलंटियर्स से भी की बातचीत
डीएम और एसएसपी ने उर्स में सेवा दे रहे लंगर कमेटी के सदस्यों और वॉलंटियर्स से भी मुलाकात की। व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ उन्होंने सहयोग के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय से ही इतने बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित किया जा सकता है। उर्स की सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर बांटा गया है। पूरे क्षेत्र को चार सुपर जोन, आठ जोन और 29 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुपर जोन की कमान एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारियों के हाथ में है, जबकि प्रत्येक सेक्टर में इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अलग पुलिस टीम लगातार निगरानी कर रही है।
भीड़ में सादे कपड़ों में पुलिस, हर संदिग्ध पर नजर
सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ वर्दी तक सीमित नहीं है। भीड़ के बीच सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी लगातार निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर पीएसी तैनात है, जबकि रिजर्व फोर्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ते ही मौके पर भेजा जा सके। उर्स क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी आईसीसीसी और जोनल कंट्रोल रूम से लगातार की जा रही है। वहीं ड्रोन कैमरों से भीड़ का आकलन किया जा रहा है। जहां भी भीड़ बढ़ती दिखाई देती है, वहां तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल भेजा जा रहा है ताकि व्यवस्था प्रभावित न हो।
कांवड़ यात्रा और उर्स साथ, पुलिस की दोहरी परीक्षा
इस बार सावन और उर्स एक साथ होने से पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है। इसके बावजूद दोनों आयोजनों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिल रहा है। प्रशासन का कहना है कि उर्स आयोजकों, लंगर कमेटियों और आम लोगों के सहयोग से व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि उर्स के दौरान हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। भीड़ बढ़ने या किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में रिजर्व फोर्स को तत्काल सक्रिय किया जाएगा। उद्देश्य यही है कि देश-विदेश से आने वाले हर जायरीन को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिल सके।