बरेली। प्रदेश में गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशुओं की सेहत पर नजर रखने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश में 3,646 गर्भवती महिलाओं के गर्भ में जुड़वां बच्चे पल रहे हैं। इनमें बरेली मंडल में ही 109 गर्भवती महिलाएं ऐसी चिह्नित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में रखते हुए नियमित जांच और विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बरेली मंडल में जुड़वां गर्भ के सर्वाधिक 66 मामले बदायूं में सामने आए हैं। बरेली में 64 और शाहजहांपुर में 71 गर्भवती महिलाएं जुड़वां बच्चों को जन्म देने वाली हैं। ऐसे मामलों में प्रसव के दौरान जटिलताओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है।
मंडल में पीलीभीत में सबसे अधिक गर्भवती महिलाएं
बरेली मंडल के चार जिलों में गर्भवती महिलाओं की संख्या के लिहाज से पीलीभीत सबसे आगे है। यहां करीब 109 हजार गर्भवती महिलाएं चिह्नित हैं। इसके बाद शाहजहांपुर में करीब 71 हजार, बरेली में 66 हजार और बदायूं में करीब 64 हजार गर्भवती महिलाएं दर्ज हैं। विभाग इन महिलाओं की नियमित जांच के साथ ही एनीमिया और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों की निगरानी कर रहा है।
गर्भनाल फंसने और खून की कमी का भी खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार जुड़वां गर्भ में सामान्य गर्भावस्था की तुलना में जोखिम अधिक रहता है। गर्भनाल फंसने, समय से पहले प्रसव और खून की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसी वजह से ऐसी गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है।
जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को दी स्क्रीनिंग की ट्रेनिंग
जिला अस्पताल में करीब 300 स्वास्थ्य कर्मियों को टीबी स्क्रीनिंग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं में टीबी के लक्षणों की समय रहते पहचान और जांच कराने की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान टीबी की पहचान और समय पर इलाज मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए बेहद जरूरी है।