त्रिची स्थित Tamil Nadu National Law University में एक बयान ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया, जिसने न सिर्फ कैंपस बल्कि पूरे देश में बहस छेड़ दी। विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर V. Nagaraj ने छात्राओं के पहनावे को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि “शॉर्ट्स पहनने वाली छात्राएं यौन उत्पीड़न को न्योता देती हैं।” बस फिर क्या था—इस बयान के सामने आते ही छात्र-छात्राओं में आक्रोश भड़क उठा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
‘कपड़ों को नहीं, सोच को दोष दो’—पोस्टरों में फूटा गुस्सा
VC के बयान के विरोध में छात्रों ने कैंपस में पोस्टर चिपकाए और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। इन तख्तियों पर लिखा था—“कपड़ों को नहीं, सोच को दोष दो”। गुरुवार शाम को छात्रों ने काले कपड़े और शॉर्ट्स पहनकर विरोध दर्ज कराया, जो सीधे तौर पर VC के बयान को चुनौती देने का प्रतीक था। छात्रों का कहना था कि इस तरह के बयान न सिर्फ महिलाओं को दोषी ठहराते हैं बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं।
मीटिंग में दिया गया बयान, फिर मचा बवाल
जानकारी के मुताबिक, VC ने यह टिप्पणी एक क्लास रिप्रेजेंटेटिव मीटिंग के दौरान की थी। बैठक में उन्होंने विश्वविद्यालय की छवि और अनुशासन पर बात करते हुए ड्रेस कोड का मुद्दा उठाया। लेकिन उनकी टिप्पणी ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया। जैसे ही यह बात बाहर आई, छात्रों ने इसे ‘महिलाओं के खिलाफ सोच’ करार देते हुए विरोध शुरू कर दिया।
“पिता के नजरिए से कहा”—प्रोफेसर ने किया बचाव
विवाद बढ़ता देख एक सीनियर प्रोफेसर VC के बचाव में सामने आए। उन्होंने कहा कि यह बयान “एक पिता के नजरिए से” दिया गया था, न कि किसी को अपमानित करने के लिए। हालांकि, छात्रों ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसे बयान देने से पहले जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
VC का पलटवार—“बयान को संदर्भ से हटकर समझा गया”
लगातार बढ़ते विरोध के बीच शाम करीब 6 बजे VC छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। VC ने स्पष्ट किया कि वे संस्थान की प्रतिष्ठा और अनुशासन की बात कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि “अच्छा पहनावा संस्थान की छवि सुधारने में एक कारक हो सकता है।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि वे अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने के लिए बाध्य नहीं हैं और केवल अपने उच्च अधिकारियों के प्रति जवाबदेह हैं—जिससे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया।
छात्रा का तीखा सवाल—VC रहे खामोश
जब VC छात्रों से संवाद कर रहे थे, तभी एक छात्रा ने सीधे सवाल दाग दिया—“क्या आप हमारी शॉर्ट्स से डिस्ट्रैक्ट हो रहे हैं, सर?” इस सवाल पर VC ने कोई जवाब नहीं दिया। यह पल पूरे विरोध का सबसे चर्चित क्षण बन गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
रात तक जारी रहा प्रदर्शन, कैंपस बना रणभूमि
VC के जाने के बाद भी छात्रों का विरोध थमा नहीं। रात 9 बजे तक कैंपस में प्रदर्शन जारी रहा। छात्रों ने प्रशासन के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताया और मांग की कि VC सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही, छात्रों ने स्टूडेंट बार एसोसिएशन के गठन की भी मांग उठाई, ताकि भविष्य में ऐसे मुद्दों पर छात्रों की आवाज को संस्थागत मंच मिल सके।
देशभर में गूंजा मामला, दूसरे विश्वविद्यालय भी उतरे समर्थन में
यह विवाद सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहा। देश के अन्य लॉ विश्वविद्यालयों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। जोधपुर की लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बयान जारी कर इस टिप्पणी की निंदा की और इसे ‘महिला विरोधी मानसिकता’ करार दिया। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा ट्रेंड करने लगा, जहां बड़ी संख्या में लोग VC के बयान की आलोचना करते नजर आए।
पुराना विवाद भी आया सामने, 2016 में भी दे चुके हैं ऐसा बयान
विवाद के बीच VC का पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि 2016 में, जब वे National Law School of India University में फैकल्टी मेंबर थे, तब भी उन्होंने इसी तरह की टिप्पणी की थी। इससे छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे विचार रखने वाला व्यक्ति शैक्षणिक संस्थान का नेतृत्व करने के योग्य है।
रिटायरमेंट से पहले घिर गए VC, बढ़ा दबाव
बताया जा रहा है कि VC V. Nagaraj कुछ ही महीनों में रिटायर होने वाले हैं। लेकिन इस विवाद ने उनके कार्यकाल के आखिरी दिनों को भी घेर लिया है। छात्र लगातार बिना शर्त माफी की मांग कर रहे हैं और साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा।