बरेली। आज आपके हाथों में जो उपाधि है वो सामाजिक दायित्व का प्रतीक है। इसे मानवता की सेवा का माध्यम बनाए। यही भारत के सम्पूर्ण विकास निर्माण में योगदान होगा। शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती छात्राओं की भागीदारी इस बात का सबूत है कि सफलता दर्शाती है हमारी बेटियां उत्कृष्ट नवाचार रच रहीं हैं। यह कहना है उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का।
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस माध्यम से जुड़ी। विश्वविद्यालय में 82 मेधावियों में 63 छात्राएं होने पर उन्होंने कहा कि छात्राओं का योगदान सराहनीय है लेकिन शिक्षा के इस प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में संतुलन बनाना भी आवश्यक है। हमें छात्र और छात्राओं को सामान अवसर प्रदान करना है।
3 घंटा लेट थी राजधानी, मौसम बिगड़ने पर हवाई यात्रा भी टली
विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को लखनऊ से तड़के 5:55 बजे डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस 20503 से बरेली आना था। राजधानी 3 घंटे के विलंब से चल रही थी। ऐसे में राज्यपाल की यात्रा के लिए हवाई मार्ग तय किया गया, जो मौसम बिगड़ने के कारण रद्द करना पड़ा।

विद्यार्थियों की पता करें रुचि का क्षेत्र
राज्यपाल ने आगे कहा कि कई बार सामने आया है कि कई कारणों की वजह से विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ देते हैं। यानि जो बच्चे पढ़ने से छूट गए है उन्हें चिन्हित करके पढ़ने लाना है। उनकी रुचि का क्षेत्र पता करें और उसके अनुसार ही उन्हें शिक्षा से जोड़े रखना है।













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