मिर्जापुर। मिर्जापुर में दो लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ियों से करीब दो करोड़ रुपये नकद बरामद होने के बाद प्रशासनिक और आयकर महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस कार्रवाई के बाद आयकर विभाग ने मामले में शामिल दो व्यापारियों को नोटिस जारी कर चार दिनों के भीतर रकम का पूरा हिसाब-किताब पेश करने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसियां अब इस रकम के स्रोत और संभावित हवाला कनेक्शन की पड़ताल में जुट गई हैं।
मुखबिर की सूचना पर खुला करोड़ों का राज
गुरुवार रात चिल्ह थाना क्षेत्र के चौराहे पर पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर दो फॉर्च्यूनर वाहनों को रोका। तलाशी के दौरान एक गाड़ी से नोटों से भरे बैग बरामद हुए, जबकि दूसरी गाड़ी में कारोबारी सवार थे। पुलिस ने तत्काल नगर मजिस्ट्रेट को सूचना दी, जिसके बाद पूरी कार्रवाई प्रशासनिक निगरानी में कराई गई।
नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन
इतनी बड़ी रकम देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। बरामद नकदी को थाने लाकर नोट गिनने की मशीन से गिनती कराई गई। प्रारंभिक जांच में रकम करीब दो करोड़ रुपये पाई गई। इसके बाद आयकर विभाग को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
चार दिन में बताना होगा पैसा कहां से आया
आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश के सीधी निवासी अभिनीत बंसल और भारत सिंह को नोटिस जारी किया है। विभाग ने पूछा है कि इतनी बड़ी नकदी किसकी है, कहां से लाई जा रही थी और किसे पहुंचाई जानी थी। साथ ही रकम से जुड़े सभी वैध दस्तावेज चार दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
ट्रांसपोर्ट कारोबार का दावा, जांच में जुटा विभाग
व्यापारियों का कहना है कि बरामद नकदी उनके ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से संबंधित है और इसे वाराणसी से मिर्जापुर लाया जा रहा था। हालांकि आयकर विभाग इस दावे की सत्यता की जांच कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि बिना दस्तावेज इतनी बड़ी नकदी का परिवहन कई सवाल खड़े करता है।
हवाला कनेक्शन पर भी नजर
जांच एजेंसियां इस मामले को सिर्फ नकदी बरामदगी तक सीमित नहीं मान रहीं। आयकर विभाग हवाला नेटवर्क से संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रहा है। फिलहाल पूरी रकम सरकारी सुरक्षा में रखी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि रकम के वैध दस्तावेज नहीं मिले तो संबंधित लोगों के खिलाफ आयकर और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।