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बरेली। दिल्ली-एनसीआर से नैनीताल और कुमाऊं क्षेत्र की यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बरेली से हल्द्वानी के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से नैनीताल पहुंचने में करीब तीन घंटे तक का समय बच सकता है।

मौजूदा समय में दिल्ली से नैनीताल जाने वाले यात्रियों को रुद्रपुर, किच्छा, लालकुआं, पंतनगर और बहेरी समेत कई स्थानों पर भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। नए एक्सप्रेसवे के बनने से जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और यात्रा अधिक सुगम हो जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है और प्रारंभिक सर्वेक्षण का कार्य भी शुरू हो चुका है। चार लेन वाला यह एक्सप्रेसवे बरेली को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 और राष्ट्रीय राजमार्ग-24 से जोड़ेगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

एक्सप्रेसवे के निर्माण से केवल यात्रा समय ही कम नहीं होगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा। बरेली, हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारियों को दिल्ली-एनसीआर बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। साथ ही नैनीताल, भीमताल, रानीखेत और अल्मोड़ा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को भी होगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है। इससे उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

एक्सप्रेसवे नेटवर्क

हाल ही में शुरू हुए दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ने यात्रा समय को काफी कम कर दिया है। अब बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे को भी उत्तर भारत के महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल माना जा रहा है, जो भविष्य में कुमाऊं क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई पहचान देगा।

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