बरेली। मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले की सभी नदियों में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के आदेश के बाद यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान यदि कोई व्यक्ति नदी में मछली या मत्स्य बीज पकड़ता मिला तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार वर्षा ऋतु मछलियों के प्रजनन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान कतला, रोहू, नैन समेत कई प्रमुख प्रजातियों की मछलियां नदियों और बहते जल स्रोतों में अंडे देती हैं। इन प्रजातियों के संरक्षण और मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से 15 जून से 30 जुलाई तक नदियों में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
मत्स्य बीज पकड़ने पर भी रहेगी रोक
जिलाधिकारी के आदेश के मुताबिक 15 जुलाई से 30 सितंबर तक मत्स्य जीरा, फ्राई और फिंगरलिंग (मत्स्य बीज) पकड़ने पर भी रोक रहेगी। इसका उद्देश्य छोटी मछलियों और मत्स्य बीज को सुरक्षित रखकर भविष्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है।
संयुक्त टीम करेगी निगरानी
प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराने के लिए मत्स्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम नदियों और जल स्रोतों पर लगातार निगरानी करेगी। प्रशासन ने लोगों से भी सहयोग की अपील की है ताकि मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन चक्र को सुरक्षित रखा जा सके।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
डीएम अविनाश सिंह ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध अवधि के दौरान यदि कोई व्यक्ति नदी से मछली या मत्स्य बीज पकड़ता पाया गया तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी मछुआरों और संबंधित लोगों से आदेश का पालन करने की अपील की है।