बरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही बरेली में सियासी पारा चढ़ गया। पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी के नेतृत्व में करीब दो हजार सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। पार्टी कार्यालय से चौकी चौराहा तक विशाल मार्च निकाला गया। हाथों में पार्टी के झंडे और भाजपा सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की तो सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चौकी चौराहा पर सामूहिक गिरफ्तारी देकर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान चौकी चौराहा और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और सपा नेताओं के बीच काफी देर तक वार्ता और मान-मनौव्वल चलता रहा। इसी बीच अखिलेश यादव की रिहाई की सूचना मिलने के बाद प्रशासन के अनुरोध पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन समाप्त कर शांतिपूर्वक अपने-अपने घरों की ओर रुख किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
‘लोकतंत्र का गला घोंट रही भाजपा सरकार’
जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार पुलिस और प्रशासन के बल पर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। लोकतंत्र में विरोध की आवाज को कुचलना तानाशाही का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है और समाजवादी पार्टी का हर कार्यकर्ता संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेगा। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि दमनकारी राजनीति को समाजवादी पार्टी कभी स्वीकार नहीं करेगी।
2027 में जनता देगी जवाब : सपा नेता
प्रदेश महासचिव एवं विधायक अताउर रहमान ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने का प्रयास कर रही है, लेकिन समाजवादी विचारधारा संघर्ष की विचारधारा है और दमन से कभी झुकने वाली नहीं है। पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाना संविधान का अपमान है और जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा कि किसान, नौजवान, व्यापारी और कर्मचारी सभी वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान हैं। विधायक शहज़िल इस्लाम ने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रही है। पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना संवैधानिक अधिकार है और जनता के अधिकारों का हनन करने वाली सरकार का अंत तय है।
इन नेताओं ने दी गिरफ्तारी
गिरफ्तारी देने वालों में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजेश अग्रवाल, इंजीनियर अनीस अहमद, अखलाक अहमद अंसारी, डॉ. अनीस बेग, सुरेंद्र सोनकर, प्रमोद बिष्ट, प्रमोद यादव, पंडित दीपक शर्मा, अशोक यादव, गौरव सक्सेना, रामप्रकाश यादव, पूर्व चेयरमैन हसनैन रजा खां, दिनेश यादव, नरेश सोलंकी, जोगेंद्र पटेल, शेर सिंह गंगवार, डॉ. देवेंद्र यादव, डॉ. शफीकुद्दीन, राजेश मौर्य, तनवीर उल इस्लाम, हसीब खान, हरिओम प्रजापति, शकील सैफी, इंद्रपाल सिंह, पार्षद मोहम्मद आरिफ कुरैशी, पार्षद शमीम अहमद, सलीम पटवारी, पीयूष वर्मा लोधी, जितेंद्र मुंडे, रामसेवक प्रजापति, शांति सिंह, स्मिता यादव, गजल अंसारी सहित बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।