बरेली। अब सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए किसी सफाईकर्मी को अपनी जान जोखिम में डालकर अंदर नहीं उतरना पड़े, इसी संदेश के साथ मंगलवार को नगर निगम बरेली शहर की सड़कों पर उतर आया। नमस्ते योजना के तहत निकाली गई जागरूकता रैली में स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और मशीनों से सफाई को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। रैली को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली के दौरान शहरवासियों को बताया गया कि सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई अब पुराने और खतरनाक तरीकों से नहीं, बल्कि आधुनिक मशीनों और वैज्ञानिक तकनीकों से की जानी चाहिए। लोगों से अपील की गई कि सफाईकर्मियों को बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतारने जैसी लापरवाही न होने दें और ऐसी स्थिति दिखने पर इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि सफाईकर्मियों की सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी की जान से बढ़कर कोई काम नहीं है और सीवर सफाई में मशीनों का अधिकतम इस्तेमाल ही समय की जरूरत है।
PPE किट और आधुनिक तकनीक पर दिया गया जोर
रैली के दौरान सफाईकर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पहनने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा किट, आधुनिक मशीनें और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से हादसों की संभावना काफी कम हो जाती है। साथ ही लोगों को यह भी समझाया गया कि मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी अमानवीय प्रथा को पूरी तरह खत्म करना समाज की साझा जिम्मेदारी है।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
जागरूकता रैली में अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, महाप्रबंधक (जलकल) मनोज कुमार आर्य, सहायक अभियंता अजीत कुमार सिंह, सभी अवर अभियंता, नमस्ते योजना राज्य परियोजना प्रबंधक आकाश कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक शोभित सिंह, जियोस्टैट की अनीता, स्वच्छ भारत मिशन और आईईसी टीम के साथ बड़ी संख्या में नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
स्वच्छ और सुरक्षित बरेली बनाने की अपील
रैली के समापन पर नगर निगम ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता कर्मियों के सम्मान को प्राथमिकता दें, उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने में सहयोग करें और सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मशीनों के उपयोग को बढ़ावा दें। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षित तकनीक और जागरूक समाज के सहयोग से ही ऐसा बरेली बनाया जा सकता है, जहां स्वच्छता के साथ किसी कर्मचारी की जान भी खतरे में न पड़े।