बरेली। रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को अवैध बताते हुए जारी ध्वस्तीकरण नोटिस के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी सड़क पर उतर आई। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी के बीच कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। पूरे प्रदर्शन के दौरान “जौहर यूनिवर्सिटी का सम्मान करो”, “शिक्षा पर हमला बंद करो” जैसे नारों से कलेक्ट्रेट परिसर गूंजता रहा। बाद में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
‘छात्रों का भविष्य बर्बाद करने की साजिश’
जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में हजारों छात्र-छात्राएं विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे हैं। यदि भवनों को ध्वस्त किया गया तो उनकी शिक्षा बीच में ही रुक जाएगी और उनका भविष्य संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा संस्थान पर इस तरह की कार्रवाई से विद्यार्थियों को आर्थिक और मानसिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
‘शिक्षा का अधिकार छीनना संविधान की भावना के खिलाफ’
ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार है। ऐसे में किसी भी विश्वविद्यालय को इस तरह प्रभावित करने वाली कार्रवाई छात्रों के अधिकारों का हनन है। सपा नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के निर्माण में सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और इसे नुकसान पहुंचाना शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने जैसा होगा।
राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जिलाध्यक्ष ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नोटिस वापस नहीं लिया तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ये नेता मौजूद
जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष समीम खान सुल्तानी, बहेड़ी विधायक अताउर रहमान, भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम, पूर्व मंत्री भगवत शरण, वरिष्ठ नेता वीरपाल सिंह यादव, डॉ अनीश बेग, अगम मौर्य समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।