बरेली। एमसीआई (मेथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया) के प्रॉपर्टी चेयरमैन को कोतवाली पुलिस ने मकान, नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण की कोशिश कराने वाले और दस लाख रुपये की रंगदारी वसूलने वाले प्रापर्टी चेयरमैन को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
इंस्पेक्टर कोतवाली राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मिशन कंपाउंड निवासी डार्विन ए. डेविड ने 23 जून को कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि संजीव कुमार, जगमोहन सिंह, राजीव मैसी और उनके अन्य सहयोगियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत उनसे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। शिकायत के आधार पर कोतवाली थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
चार लाख रुपये की रंगदारी वसूल चुके हैं आरोपी
डार्विन ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने दस लाख मांगे थे, चार लाख रुपये की रंगदारी वसूल चुके हैं। इसके अलावा अब और रुपयों की डिमांड कर रहे हैं। रुपये न देने पर पुलिस प्रशासन को गुमराह कर फर्जी शिकायतें कर रहे हैं। डार्विन ने पुलिस को उन गवाहों के नाम भी बताये, जिनके सामने आरोपियों को रुपये दिये गये थे। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर माफिया चेयरमैन जगमोहन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके साथी राजीव मसीह की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस टीमें लगी हुई हैं। राजीव को जगमोहन से भी बड़ा माफिया बताया जा रहा है। उसके खिलाफ बरेली से लेकर उत्तराखंड तक कई मुकदमे दर्ज हैं।
रोते बिलखते जेल गया जगमोहन, नहीं बचा पाये भू माफिया आका
अभियान के दौरान सोमवार सुबह मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने रेलवे कॉलोनी के पास से 63 वर्षीय जगमोहन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वह सिविल लाइंस स्थित बिशप मंडल इंटर कॉलेज परिसर का निवासी है। आरोपी को बचाने के लिये शहर के और नवाबगंज का एक भू माफिया लगे हुये थे। जगमोहन के परिवार वालों को झूठा दिलासा दे रहे थे कि हम कुछ नहीं होने देंगे। पुलिस ने जब आरोपी को कोर्ट भेजा, तब तक माफिया हवा बनाये रहे। जैसे ही कोर्ट ने जगमोहन को पुलिस रिमांड से ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। जेल का नाम सुनते ही आरोपी फफक फफक कर रोने लगा। चर्च की प्रापर्टी को बेचने वाला समाज का गद्दार व्यक्ति आखिरकार रोते बिलखते सलाखों के पीछे पहुंच गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दे रही पुलिस
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में और भी आरोपियों के नाम खोले जा सकते हैं। सभी की भूमिका की जांच की जा र ही है। स्टेशन रोड चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक वैभव गुप्ता और पुलिस टीम ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की। मुकदमे में नामजद फरार आरोपियों की तलाश जारी है। फरार आरोपी राजीव की गिरफ्तारी को लेकर महानगर के पास सिल्वर स्टेट स्थित उसके घर पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन आरोपी नहीं मिला। उसकी लोकेशन उत्तराखंड में मिल रही है। तीसरा आरोपी संजीव अपनी पहचान छिपाकर भागा हुआ है। उसको भी ट्रेस किया जा रहा है।