बरेली। फाइलों में चमकते आंकड़े अब जमीन पर भी दिखाने होंगे। मंडल की 19 अधूरी गौशालाएं, 100 गौशालाओं में सीसीटीवी न होना, बदायूं में युवाओं के स्वरोजगार लोन पर बैंक की अड़चन और शाहजहांपुर की कई योजनाओं की सुस्त रफ्तार गुरुवार को कमिश्नर शम्भु कुमार की समीक्षा में खुलकर सामने आ गई। खराब प्रगति पर उनका पारा चढ़ा तो अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश दे दिए। वहीं रात में बेसहारा गोवंश से होने वाले हादसे रोकने के लिए उनके गले में रेडियम बेल्ट लगाने का फैसला किया गया है।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में सामने आया कि मंडल में 19 गौशालाएं अभी निर्माणाधीन हैं। लंबे समय से काम पूरा न होने पर कमिश्नर शंभू कुमार ने नाराजगी जताई और निर्माण जल्द पूरा कराने को कहा। शाहजहांपुर में तस्वीर और चौंकाने वाली मिली। यहां 16 ऐसी छोटी गौशालाएं हैं, जिनमें सिर्फ 50 से 100 गोवंश रखे जा रहे हैं। कमिश्नर ने इनकी उपयोगिता की समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर छोटी गौशालाएं बंद करने और गोवंश को बड़े आश्रय स्थलों में शिफ्ट करने को कहा।
अंधेरे में चमकेगी बेल्ट, सड़क हादसों से बचेंगे वाहन चालक
रात में सड़कों पर घूमते बेसहारा गोवंश को लेकर कमिश्नर ने नया प्रयोग करने को कहा है। गोवंश के गले में रेडियम बेल्ट लगाई जाएगी। वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही बेल्ट चमकने लगेगी। इससे चालक को दूर से ही सड़क पर मौजूद पशु का अंदाजा हो सकेगा। कमिश्नर ने गो आश्रय स्थलों में हरा चारा, भूसा और साफ पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की भी हिदायत दी। गौशालाओं की निगरानी में भी बड़ा अंतर सामने आया। मंडल की 107 गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं, लेकिन 100 गौशालाएं अभी कैमरों से लैस नहीं हैं। कमिश्नर ने बाकी गौशालाओं में भी सीसीटीवी लगवाने और हर जिले में कंट्रोल रूम बनाकर उनकी निगरानी कराने को कहा। शाहजहांपुर में पशुपालन विभाग की धीमी रफ्तार पर संयुक्त विकास आयुक्त को मौके पर जाकर हकीकत जांचने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
बदायूं में युवाओं के लोन पर बैंक का ब्रेक, अब एलडीएम से होगी सीधी बात
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में बदायूं की स्थिति ने भी अफसरों की चिंता बढ़ाई। यहां पात्र युवाओं को बैंक से ऋण स्वीकृत कराने में दिक्कतें सामने आई हैं। कमिश्नर ने संयुक्त आयुक्त उद्योग को लीड बैंक मैनेजर से सीधे बात कर अड़चनें दूर कराने को कहा। साफ किया कि योजना में पात्र युवा बैंकिंग प्रक्रिया में उलझकर न रह जाएं। इसी दौरान एक जनपद-एक व्यंजन योजना की रफ्तार भी संतोषजनक नहीं मिली। कमिश्नर ने योजना को फाइलों से निकालकर लोगों तक पहुंचाने और व्यापक प्रचार करने को कहा। मातृत्व एवं शिशु वंदना योजना की समीक्षा में बरेली में पोर्टल पर अधिक पेंडेंसी सामने आई। कमिश्नर ने लंबित मामलों को तेजी से निपटाने और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने के लिए विशेष कैंप लगाने को कहा। श्रम विभाग को भी पोर्टल पर आने वाले आवेदनों को अधिकतम 45 दिन के भीतर निस्तारित करने की हिदायत दी गई।
पुलिस के साथ बच्चों को किया जाएगा चिह्नित
बाल श्रम के मामलों पर कमिश्नर ने सख्त रुख दिखाया। पुलिस की मदद से बाल मजदूरी रोकने, काम करते मिले बच्चों को चिह्नित करने और आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें शेल्टर होम तक पहुंचाने को कहा। बच्चों की पढ़ाई और पुनर्वास की व्यवस्था पर भी फोकस रहेगा। अटल आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के खानपान, स्वास्थ्य और रहने की सुविधाओं में किसी तरह की कमी न रहने देने के निर्देश दिए गए। पंचायती राज विभाग में बदायूं और शाहजहांपुर की प्रगति कमजोर मिली तो कमिश्नर नाराज हो गए। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंडल में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 99 ग्राम पंचायतें मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित होने की जानकारी दी गई। नए परिवारों के शौचालय के लंबित आवेदन जल्द निपटाने और गांवों में नियमित कूड़ा उठाने की व्यवस्था करने को कहा गया।
मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी में शाहजहांपुर फिसड्डी
मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी योजना में भी शाहजहांपुर की प्रगति खराब मिली। तालाबों की सफाई और दूसरी व्यवस्थाएं तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए। गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार करने के साथ वहां फर्नीचर और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि ग्रामीण युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर जगह मिल सके। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती के लंबित मामलों पर भी सवाल उठे। कमिश्नर ने अगले महीने तक लंबित प्रक्रिया पूरी कर भर्ती आगे बढ़ाने को कहा। सीएम डैशबोर्ड पर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की पिछड़ी रैंकिंग को लेकर भी नाराजगी जताई और इसमें तेजी से सुधार करने की हिदायत दी।
IGRS में सिर्फ निस्तारित लिखने से नहीं चलेगा
आईजीआरएस शिकायतों को लेकर कमिश्नर ने साफ कर दिया कि सिर्फ पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित दिखा देना पर्याप्त नहीं होगा। शिकायत का समाधान करने के बाद अधिकारी शिकायतकर्ता को फोन कर उसकी संतुष्टि भी जानेंगे। लंबित शिकायतों को समय से और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निपटाने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। बैठक में विद्युत और नलकूप विभाग की गलत रिपोर्टिंग भी पकड़ में आई। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए कार्यशैली सुधारने को कहा। निवेश मित्र, झटपट पोर्टल और सरकारी विभागों के बिजली बिलों से जुड़े लंबित मामलों को भी तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए। बिजली संबंधी शिकायतों को तय समय में हल करने को कहा गया।
पर्यटन के काम में देरी और घटिया निर्माण दोनों पर चेतावनी
पर्यटन विभाग के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट भी समीक्षा के दायरे में रहे। कमिश्नर ने सभी काम निर्धारित समय में पूरे करने के साथ निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखने को कहा। उन्होंने दो टूक कहा कि काम समय पर भी चाहिए और गुणवत्तापूर्ण भी, गुणवत्ता से समझौता नहीं चलेगा। बैठक के आखिर में कमिश्नर शम्भु कुमार ने अधिकारियों को संदेश दिया कि विकास का हिसाब सिर्फ पोर्टल, फाइल और आंकड़ों में नहीं दिखना चाहिए। योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचा या नहीं, असली कसौटी यही होगी। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त देवेंद्र प्रताप, प्रभागीय वनाधिकारी दीक्षा भंडारी, जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर समेत मंडल स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।