बरेली। गांधी जयंती पर पुलिस लाइन में शुक्रवार को वर्दी के पीछे की मेहनत और बेहतर काम को सम्मान मिला। सीरियल किलर की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने वाले दो सिपाहियों समेत पांच पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। इनमें तीन पुलिसकर्मियों को सेवा पदक मिले, जबकि दो को मुख्यमंत्री का प्रशस्ति पत्र और 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। एसएसपी अनुराग आर्य ने दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद पुलिसकर्मियों को सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने की शपथ दिलाई गई।
तीन पुलिसकर्मियों को मिला सेवा पदक
यातायात पुलिस में तैनात उपनिरीक्षक कमलेश कुमार को अति उत्कृष्ट सेवा पदक दिया गया। मुख्य आरक्षी नन्द किशोर दिवाकर और फायर स्टेशन फरीदपुर में तैनात मुख्य आरक्षी मनोवीर सिंह को उत्कृष्ट सेवा पदक मिला। ये पदक गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से दिए गए हैं। सबसे खास सम्मान थाना शाही के आरक्षी सरफराज अहमद और यूपी-112 के आरक्षी शेखर वर्मा को मिला। दोनों को मुख्यमंत्री का प्रशस्ति पत्र और 25-25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। शाही क्षेत्र में दो महिलाओं की हत्या की गुत्थी सुलझाने और सीरियल किलर की गिरफ्तारी में दोनों पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही थी। इसी काम के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।
पर्दे के पीछे काम करने वाले 15 कर्मचारियों को भी सम्मान
पुलिस व्यवस्था में पर्दे के पीछे जिम्मेदारी निभाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के काम को भी सराहा गया। एसएसपी ने बेहतर काम करने वाले 15 कर्मचारियों को पुरस्कार दिया। इनमें भगत सिंह, हरिओम सिंह, विवेकी कश्यप, मनोज भारती, मोहम्मद मुनव्वर, रामोतार, कुशलपाल, अजीत सिंह, राजेश राणा, मोहम्मद ताजिम, गणेश गोस्वामी, राम आसरे, छत्रपाल सिंह, नन्दलाल और जमुना प्रसाद शामिल हैं। कार्यक्रम के आखिर में पुलिसकर्मियों को मिठाई बांटी गई। इस दौरान एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान समेत पुलिस के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन शिवम आशुतोष सिंह ने किया।