बरेली। सिविल लाइंस स्थित गांधी उद्यान में गुरुवार रात पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड कर्मचारी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। पार्क के अंदर योग करने वाली जगह के पास उनका शव पड़ा मिला। रात करीब 10 बजे इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि कर्मचारी ने जहर खाकर जान दी है। हालांकि, मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जेब में मिले आधार कार्ड से हुई पहचान
मृतक की पहचान बारादरी के शाहदाना स्थित मोर कोठी निवासी राम मोहन सिंह पुत्र कोमल सिंह के रूप में हुई। गांधी उद्यान में शव मिलने की सूचना पर चौकी चौराहा चौकी के इंचार्ज विजय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक की जेब से आधार कार्ड मिला, जिसके आधार पर उनकी पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी और शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
2012 में बड़े बाबू के पद से हुए थे रिटायर
जिला अस्पताल की मोर्चरी पर पहुंचे मृतक के बेटे हिमांशु ने बताया कि उनके पिता पीडब्ल्यूडी में बड़े बाबू के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2012 में वह अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। परिवार के साथ उनका सामान्य जीवन चल रहा था। बेटे के मुताबिक, उनके पिता को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। न ही वह किसी तनाव में थे। ऐसे में उनके गांधी उद्यान पहुंचने और वहां उनकी मौत होने की खबर से परिवार के लोग भी हैरान हैं।
पार्क में पहुंचने की वजह भी स्पष्ट नहीं
राम मोहन सिंह गांधी उद्यान कब और किस वजह से पहुंचे थे, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वह घर से कब निकले थे और पार्क तक कैसे पहुंचे। जहर खाने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन मौके से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह का पता चल सकेगा। वहीं, घटना के बाद से परिवार में शोक का माहौल है।