हरियाली तीज के अवसर पर 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा और अंतिम सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। हालांकि यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्यग्रहण का प्रभाव करीब 90 दिनों तक बना रहता है और इस दौरान कई राशियों के जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
विशेष रूप से मिथुन, कर्क, कन्या, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए यह सूर्यग्रहण लाभकारी माना जा रहा है। इन राशियों को करियर, धन, रिश्तों और व्यक्तिगत विकास के क्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं।
मिथुन राशि:
सूर्यग्रहण के बाद मिथुन राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और सम्मान मिलने के संकेत हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर होंगे और आपके काम की सराहना होगी। ज्ञान और कौशल बढ़ाने के अवसर भी प्राप्त होंगे।
कर्क राशि:
कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय नेतृत्व क्षमता को निखारने वाला साबित हो सकता है। भावनात्मक रूप से मजबूती मिलेगी और ऐसे अवसर सामने आएंगे जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की थी। करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी के योग हैं।
कन्या राशि:
कन्या राशि वालों के लिए ग्रहण के बाद प्रगति के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय से जुड़ी यात्राएं बढ़ेंगी। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और वैवाहिक तथा प्रेम संबंधों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
कुंभ राशि:
कुंभ राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जा रहा है। विवाह, करियर या विदेश यात्रा से जुड़े मामलों में अटकी योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। धन प्राप्ति और उन्नति के अच्छे योग बन रहे हैं।
मीन राशि:
मीन राशि के जातकों के लिए सूर्यग्रहण संतुलन और निर्णय क्षमता को मजबूत करेगा। अगले 90 दिनों में लिए गए फैसले भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। कार्यों में तेजी आएगी और नई उपलब्धियों के रास्ते खुलेंगे। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रहण केवल नकारात्मक प्रभाव ही नहीं देता, बल्कि कई लोगों के लिए यह नई शुरुआत और सकारात्मक परिवर्तन का संकेत भी बन सकता है। इसलिए इस अवधि में सोच-समझकर लिए गए निर्णय लंबे समय तक लाभ पहुंचा सकते हैं।