नई दिल्ली। आने वाले वर्षों में इंटरनेट इस्तेमाल करने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Amazon ने भारत में सैटेलाइट आधारित पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। यदि यह योजना मंजूर होती है तो देश के दूरदराज गांवों और कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध हो सकेगा। इससे मोबाइल डेटा रिचार्ज पर निर्भरता कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Amazon के सैटेलाइट इंटरनेट प्रोजेक्ट ‘कुइपर’ (Project Kuiper) ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि सैटेलाइट ब्रॉडबैंड को पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क के मुख्य बैकहॉल के रूप में अनुमति दी जाए। कंपनी का कहना है कि लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट तकनीक के जरिए बिना तार बिछाए देश के किसी भी हिस्से तक तेज इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है।

गांव-गांव इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी

Amazon चाहता है कि उसकी सैटेलाइट तकनीक को केंद्र सरकार की PM-WANI और भारतनेट जैसी योजनाओं से जोड़ा जाए। कंपनी का सुझाव है कि देश के हर गांव में कम से कम एक सार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट स्थापित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित हो सके।

डिजिटल भारत निधि से मांगी मदद

कंपनी ने सरकार से डिजिटल भारत निधि (DBN) फंड के जरिए वित्तीय सहयोग की भी मांग की है। Amazon का मानना है कि इस सहायता से ग्रामीण और पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी और लॉगइन प्रक्रिया को अधिक आसान बनाया जा सकता है।

83 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश

Amazon अपने वैश्विक सैटेलाइट नेटवर्क पर करीब 10 अरब डॉलर (लगभग 83 हजार करोड़ रुपये) से अधिक का निवेश कर चुकी है। कंपनी 2025 से लगातार अपने सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेज रही है और भारत में सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक लाइसेंस प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है।

2028 तक आएगी डायरेक्ट-टू-डिवाइस सेवा

Amazon ने भविष्य की योजना के तहत 2028 तक डायरेक्ट-टू-डिवाइस (D2D) सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इस तकनीक के जरिए मोबाइल फोन सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट हो सकेंगे। यानी जिन इलाकों में मोबाइल टावर या नेटवर्क उपलब्ध नहीं होगा, वहां भी कॉलिंग और इंटरनेट सेवाएं इस्तेमाल की जा सकेंगी।

बदल सकती है इंटरनेट की तस्वीर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैटेलाइट आधारित पब्लिक Wi-Fi मॉडल को मंजूरी मिलती है तो भारत में इंटरनेट पहुंच और डिजिटल कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ेगा। खासतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले करोड़ों लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *