बरेली। खरीफ सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले भर में उर्वरक बिक्री केंद्रों की निगरानी तेज कर दी गई है। खाद की उपलब्धता की लगातार समीक्षा के साथ निजी दुकानों पर छापेमारी भी की जा रही है। इसी अभियान के तहत तीन निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने बताया कि जिले में फिलहाल किसानों के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में करीब 33,045 मीट्रिक टन यूरिया, 4,879 मीट्रिक टन डीएपी और 2,439 मीट्रिक टन एनपीके खाद का स्टॉक मौजूद है। खरीफ की बुवाई के दौरान किसी भी किसान को खाद के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए सभी सहकारी समितियों, इफको केंद्रों और निजी बिक्री केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले की 147 सहकारी समितियों पर आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इफको प्लांट से प्रतिदिन 300 से 400 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति कराई जा रही है, ताकि मांग बढ़ने की स्थिति में भी किसी प्रकार की कमी न होने पाए। प्रशासन लगातार स्टॉक और वितरण व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहा है।
फरीदपुर, भुता और नवाबगंज में छापेमारी
खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की शिकायतों पर जिला कृषि अधिकारी ने विकास खंड फरीदपुर, भुता और नवाबगंज क्षेत्र के निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद मै. साहिब कृषि केंद्र (किशोर, फरीदपुर), एग्री जनसेवा वन स्टॉप शॉप (गौंगौटा, भुता) और कृष्णकांत इंटरप्राइजेज (हरदुआ, तहसील नवाबगंज) के उर्वरक विक्रय लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। विभाग ने कहा कि बिना अनुमति अधिक मूल्य वसूलने, स्टॉक छिपाने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने वाले किसी भी विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
किसानों से संयम बरतने की अपील
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे आवश्यकता से अधिक उर्वरक खरीदकर भंडारण न करें। खेत की जरूरत के अनुसार ही खाद का उपयोग करें, ताकि सभी किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूलता है, खाद देने से इनकार करता है या कालाबाजारी करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें। शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान जिले में उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।