बरेली। खेती और मजदूरी से गुजर-बसर मुश्किल हुई तो दो लोगों ने जल्दी कमाई के लालच में नशे का कारोबार अपना लिया। एक पहचान छिपाने के लिए रामपुर से बरेली आकर अफीम बेच रहा था, जबकि दूसरा ढाबों और होटलों पर आने वाले ट्रक चालकों को अपना ग्राहक बनाता था। बारादरी पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 492 ग्राम अवैध अफीम बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4.50 लाख रुपये आंकी गई है।
रामपुर से बरेली आकर करता था नशे का कारोबार
पहली कार्रवाई सम्राट अशोक नगर मार्ग पर हुई। पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक सड़क किनारे ग्राहक का इंतजार कर रहा है। पुलिस के पहुंचते ही वह वहां से खिसकने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी में उसके पास से 265 ग्राम अफीम बरामद हुई। आरोपी की पहचान राजपाल (29) निवासी खण्डिया, थाना खजूरिया, जिला रामपुर के रूप में हुई। पूछताछ में राजपाल ने बताया कि वह खेती-बाड़ी करता है, लेकिन ज्यादा कमाई के लालच में अफीम बेचने लगा। उसने बताया कि रामपुर में पहचान होने के कारण पकड़े जाने का डर रहता था, इसलिए वह बरेली आकर नशे का कारोबार करता था। शनिवार को भी वह ग्राहक का इंतजार कर रहा था, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
ढाबों और होटलों पर ट्रक चालकों को बेचता था अफीम**
दूसरी कार्रवाई देर रात शहदाना रेलवे ग्राउंड के पास हुई। गश्त के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध को रोककर तलाशी ली तो उसके पास से 227 ग्राम अफीम बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपी वीरू उर्फ धर्मेन्द्र (38) निवासी चनैटी लाल फाटक, थाना कैंट का रहने वाला है। वीरू ने पूछताछ में बताया कि मजदूरी से होने वाली कमाई कम पड़ती थी। अधिक पैसे कमाने के लालच में वह अफीम खरीदकर होटलों और ढाबों पर आने वाले ट्रक चालकों को बेचता था। शनिवार रात भी वह ग्राहक की तलाश में खड़ा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो मुकदमे दर्ज, अब नेटवर्क की तलाश
दोनों मामलों में बारादरी थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों तक अफीम की खेप कहां से पहुंचती थी और इस धंधे में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।