up newsयह तस्वीर एआई से बनाई गई है।

बरेली। दिशा इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति पर एक शिक्षक ने भविष्य निधि (पीएफ) के नाम पर जमा कराए गए 1.29 लाख रुपये वापस न करने और बिना किसी कारण नौकरी से निकालने का आरोप लगाया है। शिक्षक की शिकायत पर थाना इज्जतनगर पुलिस ने प्रबंध समिति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शेरगढ़ थाना क्षेत्र के जमुनिया जागीर निवासी विनोद कुमार ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने तीन मई 2016 को दिशा इंटर कॉलेज (दिशा समिति, बरेली) मुड़िया अहमद नगर में टीजीटी विशेष शिक्षक के पद पर 5,800 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर कार्यभार ग्रहण किया था। बाद में उनका मानदेय बढ़ाकर 14,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। शिकायत के अनुसार, मानदेय बढ़ने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने उनसे भविष्य निधि के रूप में प्रतिमाह राशि जमा कराने को कहा। प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि नौकरी छोड़ने पर जमा पूरी धनराशि ब्याज सहित वापस कर दी जाएगी। इसी भरोसे पर उन्होंने नियमित रूप से चेक और यूपीआई के माध्यम से भुगतान किया।

चेक और यूपीआई से जमा किए 1.29 लाख रुपये

विनोद कुमार का आरोप है कि उन्होंने 15 मई 2019 से 12 नवंबर तक प्रतिमाह 2,500 रुपये तथा 23 दिसंबर 2021 से 22 मार्च 2024 तक प्रतिमाह 2,000 रुपये के हिसाब से कुल 1.29 लाख रुपये दिशा समिति में जमा किए। उनका दावा है कि यह पूरी राशि भविष्य निधि के रूप में ली गई थी। शिक्षक का आरोप है कि 30 मार्च को उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए नौकरी से हटा दिया गया। इसके बाद उन्होंने बकाया मानदेय और भविष्य निधि की जमा राशि वापस मांगी, लेकिन प्रबंध समिति लगातार टालमटोल करती रही।

रुपये मांगने पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब उन्होंने कानूनी कार्रवाई की बात कही तो प्रबंध समिति के सदस्यों ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। साथ ही कथित तौर पर यह भी कहा कि उनकी राजनीतिक पहुंच ऊंचे स्तर तक है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इज्जतनगर थाना पुलिस ने शिक्षक की तहरीर के आधार पर प्रबंध समिति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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