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बरेली। कभी-कभी जिंदगी में कुछ पल ऐसे आते हैं, जब गुस्से में लिया गया एक फैसला पूरे परिवार को सदमे में डाल देता है। नवाबगंज क्षेत्र में कुछ ऐसा ही हुआ। घर के अंदर एक पांच साल के मासूम की छोटी-सी जिद थी “मम्मी, दाल बना दो…” लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह मामूली बात कुछ ही मिनटों में पूरे घर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल जाएगी।

हरदुआ गांव निवासी 28 वर्षीय गायत्री पत्नी नेत्रपाल घर के कामकाज में लगी थीं। इसी दौरान उनका पांच वर्षीय बेटा राज बार-बार दाल बनाने की जिद करने लगा। बच्चे की लगातार जिद और घरेलू तनाव के बीच गायत्री नाराज हो गईं। किसी ने नहीं सोचा था कि गुस्से का यह पल इतना खतरनाक मोड़ ले लेगा। गुस्से में आकर गायत्री ने घर में रखी खीर और लौकी की फसल में इस्तेमाल होने वाली कीटनाशक दवा पी ली। शुरुआत में किसी को इसका अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उल्टियां शुरू होते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

अस्पताल तक दौड़े परिजन, समय पर इलाज से बची जान

घटना शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। पति नेत्रपाल बिना देर किए गायत्री को जिला अस्पताल बरेली लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने से महिला की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। फिलहाल उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद पूरे परिवार में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव में भी यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। लोग यही कहते नजर आए कि एक मासूम बच्चे की साधारण-सी जिद आखिर इतनी बड़ी घटना की वजह कैसे बन गई। परिवार के सदस्य भी इस पूरे घटनाक्रम से सदमे में हैं।

पुलिस जुटी जांच में, घरेलू विवाद माना जा रहा कारण

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद और गुस्से में उठाए गए कदम का माना जा रहा है। पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है। तनाव और गुस्से में लिया गया फैसला कई बार अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकता है। परिवार के भीतर संवाद, धैर्य और एक-दूसरे की भावनाओं को समझना ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। छोटी-सी नाराजगी यदि समय रहते संभाल ली जाए, तो कई परिवार टूटने और कई जिंदगियां संकट में पड़ने से बच सकती हैं।

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