बरेली। आंवला कस्बे में सरकारी राशन की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। मंगलवार को एसडीएम विदुषी और जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार ने उचित दर विक्रेता जमीर अहमद की दुकान पर अचानक छापा मारा तो दुकान बंद मिली और अंदर का नजारा देखकर अफसर भी हैरान रह गए। जून महीने का राशन वितरण शुरू होने के बावजूद दुकान के भीतर सरकारी खाद्यान्न की एक भी बोरी नहीं मिली। मौके पर मौजूद कार्डधारकों ने बताया कि उन्हें अभी तक राशन नहीं दिया गया है।
खिड़की से झांका तो उड़ गए होश
अधिकारियों ने जब दुकान की खिड़की से भीतर देखा तो पूरा स्टॉक गायब मिला। इसके बाद एसडीएम की मौजूदगी में दुकान का ताला तुड़वाकर अंदर भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच में राशन का स्टॉक पूरी तरह शून्य पाया गया। अफसरों ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
सरकारी अनाज की कालाबाजारी
डीएसओ मनीष कुमार ने कहा कि बिना किसी वैध कारण के दुकान बंद रखना और पूरा सरकारी राशन गायब मिलना यह साबित करता है कि खाद्यान्न की कालाबाजारी की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी कोटेदार जमीर अहमद का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
25 मई से होना था वितरण
खाद्य विभाग के निर्देश के मुताबिक 25 मई से जून महीने के राशन का वितरण शुरू होना था, लेकिन कार्डधारकों को अब तक अनाज नहीं मिला। छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। राशनकार्ड धारकों ने दोषी कोटेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।