बरेली। आला हजरत के उर्स में जायरीन की खिदमत के लिए लंगर लेकर पहुंचे इसरार हुसैन को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। कुल के दौरान लंगर व्यवस्था संभालते वक्त अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश होकर गिर पड़े। साथी उन्हें लेकर जिला अस्पताल दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दरगाह आला हजरत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया इसरार हुसैन भुता लंगर कमेटी से जुड़े थे। वह बीसलपुर के पास शेखापुर गांव से लंगर लेकर उर्स-ए-रजवी में आए थे। कुल के मौके पर भारी संख्या में पहुंचे जायरीन के लिए लंगर का इंतजाम किया गया था। इसरार भी साथियों के साथ व्यवस्था संभालने और जायरीन की खिदमत में जुटे थे।
लंगर संभाल रहे थे, अचानक लड़खड़ाए और गिर पड़े
रविवार को कुल के दौरान इसरार लंगर व्यवस्था में लगे हुए थे। इसी बीच अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। वह लड़खड़ाकर बेहोश हो गए और जमीन पर गिर पड़े। उन्हें गिरता देख आसपास मौजूद साथी दौड़े। कुछ ही देर में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर पहुंची तो गमगीन हुआ माहौल
जिस इसरार के साथ कुछ देर पहले तक साथी मिलकर जायरीन की खिदमत कर रहे थे, उनकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया। लंगर कमेटी के सदस्यों और उनके साथ आए लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
अहसन मियां ने जताया दुख, मगफिरत की दुआ
इसरार हुसैन के इंतकाल की खबर दरगाह आला हजरत पहुंची तो सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने गहरा दुख जताया। उन्होंने इसरार हुसैन की मगफिरत के लिए दुआ की और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई।