डी-फार्माएआई से बनाई गई फोटो।

बरेली। डी-फार्मा में एडमिशन दिलाने का सपना दिखाकर एक छात्र से एक लाख रुपये ऐंठ लिए गए। एडमिशन नहीं हुआ तो छात्र ने रुपये वापस मांगे, लेकिन आरोपी लगातार उसे टरकाता रहा। आखिरकार फोन उठाना बंद कर दिया। छात्र पिता के साथ आरोपी के ऑफिस पहुंचा तो वहां ताला लटका मिला। पुलिस से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

शेरगढ़ के वार्ड नंबर-8, टंकी चौराहा, मोहल्ला गढ़ी निवासी छात्र जयराय पुत्र शंकर राय के मुताबिक, कुछ साल पहले उसके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में एडमिशन कराने के संदेश आए थे। इसी दौरान उसकी बातचीत हरीशंकर नाम के व्यक्ति से हुई। आरोपी ने खुद को एडमिशन और रजिस्ट्रेशन कराने वाला बताया और डी-फार्मा में दाखिला कराने का भरोसा दिया।

पिता के साथ ऑफिस पहुंचा छात्र

आरोपी की बातों पर भरोसा करके जयराय अपने पिता और एक परिचित के साथ इज्जतनगर की बीडीए कॉलोनी स्थित मठ लक्ष्मीपुर में उसके कार्यालय पहुंचा। वहां पहले से कई छात्र और उनके अभिभावक भी मौजूद थे। इससे उन्हें भरोसा हुआ कि आरोपी एडमिशन कराने का काम करता है। बातचीत के दौरान हरीशंकर ने डी-फार्मा में एडमिशन और रजिस्ट्रेशन कराने का भरोसा दिया। आरोपी के कहने पर छात्र ने फोन-पे और यूपीआई के जरिए अलग-अलग तारीखों में रकम भेजी। इस तरह छात्र ने कुल एक लाख रुपये आरोपी को दे दिए।

एडमिशन के नाम पर चलता रहा खेल

रकम देने के बाद छात्र लगातार आरोपी से एडमिशन का अपडेट मांगता रहा। फोन और व्हाट्सएप पर संपर्क करने पर आरोपी हर बार कुछ दिन और इंतजार करने की बात कहता रहा। काफी समय गुजर गया, लेकिन न तो डी-फार्मा में एडमिशन हुआ और न ही रजिस्ट्रेशन की कोई जानकारी मिली। जब छात्र ने एडमिशन न होने पर अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने रकम लौटाने की बात कही। इसके बाद भी वह लगातार बहाने बनाता रहा। धीरे-धीरे आरोपी ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। छात्र और उसके पिता जब उसके कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला।

पुलिस से नहीं हुई सुनवाई, कोर्ट पहुंचा छात्र

पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने एडमिशन कराने के नाम पर उससे एक लाख रुपये लिए और बाद में न एडमिशन कराया, न रकम लौटाई। पुलिस से शिकायत करने के बावजूद जब कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट के आदेश के बाद इज्जतनगर पुलिस ने आरोपी हरीशंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अब मामले में रुपये के लेनदेन, व्हाट्सएप संदेश और आरोपी के कार्यालय समेत दूसरे तथ्यों की जांच कर रही है।

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