बरेली। पीलीभीत बाईपास स्थित चंद्रलोक अस्पताल में पैर के संक्रमण का इलाज कराने पहुंचे मरीज की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। करीब दो सप्ताह के भीतर मरीज के पैर के तीन ऑपरेशन किए गए थे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन दूसरे अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। अब परिजनों की शिकायत पर बारादरी पुलिस ने चंद्रलोक अस्पताल के डॉ. हिमांशु अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि डॉक्टर ने इलाज या ऑपरेशन में किसी तरह की लापरवाही से इनकार किया है।
16 दिन में तीन बार हुआ पैर का ऑपरेशन
इज्जतनगर क्षेत्र की आशुतोष सिटी निवासी अरुण कुमार के मुताबिक उनके भाई अनूप कुमार के पैर में संक्रमण हो गया था। वह डायबिटीज से भी पीड़ित थे। हालत खराब होने पर उन्हें 30 मई को पीलीभीत बाईपास स्थित चंद्रलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल में एक जून, छह जून और फिर 14 जून को उनके पैर के तीन ऑपरेशन किए गए।
18 जून को डिस्चार्ज दिखाया, दो दिन और अस्पताल में रखने का आरोप
अरुण कुमार का आरोप है कि अस्पताल के रिकॉर्ड में उनके भाई को 18 जून को डिस्चार्ज दिखा दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दो दिन और अस्पताल में भर्ती रखा गया। बाद में घर पहुंचने के बाद अनूप कुमार की तबीयत फिर बिगड़ने लगी। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल ले गए।
दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया, 26 जून को हुई मौत
परिजन अनूप कुमार को इलाज के लिए वेदांता अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उपचार के दौरान 26 जून को उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने चंद्रलोक अस्पताल में हुए इलाज और ऑपरेशन को लेकर सवाल उठाए। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन और उपचार के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
सीएमओ तक पहुंची शिकायत, विशेषज्ञों से कराई जाएगी जांच
मरीज की मौत के बाद परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत सीएमओ कार्यालय में की। सीएमओ कार्यालय की ओर से गठित समिति ने प्रकरण की जांच की। बताया गया कि समिति के सदस्य चिकित्सकों ने मामले की विशेषज्ञ स्तर से जांच कराए जाने को उचित माना है। इसके बाद प्रकरण को विस्तृत जांच के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
डॉक्टर हिमांशु अग्रवाल पर मुकदमा, पुलिस ने शुरू की पड़ताल
अरुण कुमार की तहरीर के आधार पर बारादरी थाना पुलिस ने चंद्रलोक अस्पताल के डॉ. हिमांशु अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस अस्पताल में मरीज के भर्ती रहने से लेकर तीनों ऑपरेशन, डिस्चार्ज और बाद के इलाज से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मेडिकल विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट भी मामले में अहम साबित हो सकती है।
डॉक्टर बोले- इलाज में नहीं हुई कोई लापरवाही
चंद्रलोक अस्पताल के डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि मरीज के ऑपरेशन और इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे को भी गलत बताया है।