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Aligarh में पुलिस ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गोरई थाना पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 7 लाख 70 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई। बरामद सभी नोट 500 रुपये के बताए जा रहे हैं।

सूचना मिली, फिर बिछाया जाल

पुलिस को सूचना मिली थी कि एक आरोपी भारी मात्रा में नकली नोट लेकर आने वाला है। इसके बाद गोरई थाना पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग ने संयुक्त निगरानी शुरू की। सबसे पहले जिकरुल हसन नामक आरोपी को दबोचा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह पहले भी नकली नोटों के मामलों में जेल जा चुका है और उसके खिलाफ उत्तराखंड समेत कई जगह मुकदमे दर्ज हैं।

दिल्ली तक फैला था नेटवर्क

जिकरुल की निशानदेही पर पुलिस ने उसके तीन साथियों वसीम, आसिफ और फरमान को दिल्ली से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि चारों आरोपी लंबे समय से नकली करेंसी का नेटवर्क चला रहे थे और अलग-अलग राज्यों में फर्जी नोटों की सप्लाई करते थे। गिरोह नकली नोटों को कम कीमत पर खरीदकर बाजार में असली बताकर खपा देता था।

मोबाइल और CDR से खुलेंगे बड़े राज

एसपी ग्रामीण Manish Kumar Mishra ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

कई बार जा चुके हैं जेल

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी शातिर अपराधी हैं और पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। कुछ आरोपी मूल रूप से कासगंज के रहने वाले हैं, जबकि तीन आरोपी फिलहाल दिल्ली में रह रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

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