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लखनऊ। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पुत्र Prateek Yadav के निधन के बाद अब उनकी बीमारी और इलाज को लेकर कई अहम खुलासे सामने आए हैं। उनका इलाज कर रहीं डॉक्टर ने बताया कि वह पिछले दो साल से पल्मोनरी एंबॉलिज्म जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। डॉक्टर के मुताबिक इस बीमारी में मरीजों का अचानक गिर जाना आम बात होती है और प्रतीक यादव के साथ भी ऐसा कई बार हुआ था।

बुधवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़े भाई और पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav समेत कई नेताओं ने दुख जताया। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार बैकुंठधाम भैंसाकुंड में किया जाएगा।

खून के थक्के बन रहे थे, हार्ट तक ब्लड सप्लाई प्रभावित हो रही थी

मेदांता अस्पताल की डॉक्टर रुचिका शर्मा ने बताया कि प्रतीक यादव पल्मोनरी एंबॉलिज्म नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। इस बीमारी में शरीर की रक्त धमनियों में खून के थक्के जमने लगते हैं, जिससे फेफड़ों और हार्ट तक ब्लड सप्लाई प्रभावित होने लगती है। हालत ज्यादा बिगड़ने पर मरीज की जान तक जा सकती है। डॉक्टर के अनुसार प्रतीक यादव लगातार ब्लड थिनर दवाओं पर थे, लेकिन बीमारी धीरे-धीरे खतरनाक स्तर तक पहुंच गई थी। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को जब वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे, तब उनकी हालत काफी गंभीर थी। उसी दौरान वह बाथरूम में गिर पड़े थे और उन्हें चोट भी लगी थी।

मौत से एक दिन पहले भी किचन में गिरे थे प्रतीक

डॉक्टर रुचिका शर्मा ने बताया कि मौत से एक दिन पहले भी प्रतीक यादव अचानक किचन में गिर पड़े थे। उन्होंने कहा कि इस बीमारी में मरीजों का बैलेंस बिगड़ना और बार-बार गिरना सामान्य लक्षण माना जाता है। कई बार मरीज को खुद भी अंदाजा नहीं होता कि स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है। डॉक्टर ने दावा किया कि पोस्टमार्टम में जो बातें सामने आई हैं, वे उनकी मेडिकल हिस्ट्री से मेल खाती हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले छह साल से प्रतीक यादव का इलाज कर रही थीं, लेकिन बीते दो साल में बीमारी तेजी से बढ़ी थी। डॉक्टरों ने उन्हें एडवांस और बेहतर इलाज कराने की सलाह भी दी थी।

परिवार और समर्थकों में शोक की लहर

प्रतीक यादव के निधन के बाद परिवार, रिश्तेदारों और समर्थकों में गहरा दुख है। समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का लगातार उनके आवास पर पहुंचना जारी है। राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोगों ने उनके निधन को बड़ी क्षति बताया है।

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