बरेली। सीएम ग्रिड योजना के तीसरे चरण में करीब 35 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजना का ठेका एक बार फिर अनमोल एसोसिएट्स को दिए जाने से सवाल खड़े हो गए हैं। यही फर्म पहले चरण का कार्य भी कर रही है, जिसके दौरान निर्माण गुणवत्ता, कार्य में देरी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई थीं। इसके बावजूद उसी एजेंसी को दोबारा जिम्मेदारी मिलने से शहर में चर्चा तेज हो गई है।
श्यामतगंज पुल से संजय नगर स्थित महर्षि कश्यप प्रतिमा तक सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई। हर बार सीमित प्रतिस्पर्धा रही और अंततः अनमोल एसोसिएट्स को ही कार्य आवंटित कर दिया गया। नगर निगम के अनुसार अंतिम प्रक्रिया में दो फर्मों ने आवेदन किया, जबकि पहले भी प्रतिस्पर्धा पर्याप्त नहीं रही। लगातार एक ही एजेंसी के सामने आने से टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा पर सवाल उठ रहे हैं।
पहले चरण में आठ नोटिस, फिर भी दोबारा जिम्मेदारी
सीएम ग्रिड योजना के पहले चरण में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयसीमा का उल्लंघन और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर एजेंसी को आठ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों ने भी कई बार निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद उसी एजेंसी को तीसरे चरण का ठेका मिलने पर सवाल उठने लगे हैं।
व्यापार मंडल खोलेगा मोर्चा, सीएम से होगी शिकायत
रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल सहित कई सामाजिक संगठनों ने इस मामले को मुख्यमंत्री स्तर तक उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजनाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होनी चाहिए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयसीमा और सुरक्षा मानकों की स्वतंत्र निगरानी भी कराई जानी चाहिए, ताकि पहले चरण जैसी शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो।
नगर आयुक्त बोले—लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि सीएम ग्रिड योजना के तीसरे चरण का ठेका नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के बाद दिया गया है। तीन बार निविदा प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन अपेक्षित संख्या में फर्मों ने भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी।