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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने साफ संदेश दिया है—यह सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। ‘Mann Ki Baat’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सटीक और मजबूत भारत के निर्माण के लिए जनगणना में हर व्यक्ति की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं।

‘जनगणना देश का आईना, हर नागरिक की जिम्मेदारी’

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और विकास की दिशा तय करने वाला अहम आधार है। उन्होंने कहा, “यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम सही और पूरी जानकारी दें, ताकि देश की योजनाएं सही दिशा में बन सकें।” उन्होंने नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि जनगणना से मिलने वाला डेटा सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे की योजनाएं बनाने में मदद करता है।

डिजिटल जनगणना 2027: पूरी प्रक्रिया होगी हाईटेक

प्रधानमंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। अब घर-घर जाकर जानकारी जुटाने वाले कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए सीधे डेटा दर्ज करेंगे। इससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी और समय की बचत भी होगी। डिजिटल माध्यम के इस्तेमाल से गलतियों की संभावना कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनेगी।

खुद भी भर सकेंगे जानकारी, 15 दिन पहले मिलेगी सुविधा

इस बार जनगणना में एक बड़ा बदलाव यह है कि नागरिक खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। प्रधानमंत्री ने बताया कि गणना कर्मचारी के आने से लगभग 15 दिन पहले यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी। लोग अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए अपनी सुविधानुसार जानकारी भर सकेंगे। इससे प्रक्रिया आसान और तेज हो जाएगी।

प्रक्रिया पूरी होने पर मिलेगी यूनिक आईडी

पीएम मोदी ने बताया कि जब कोई व्यक्ति अपनी जानकारी दर्ज कर देगा, तो उसे एक विशेष आईडी मिलेगी। यह आईडी मोबाइल या ईमेल पर प्राप्त होगी। बाद में जब जनगणना कर्मचारी घर आएगा, तो यही आईडी दिखाकर जानकारी की पुष्टि की जा सकेगी। इससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय की बचत होगी।

पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगा डेटा

जनगणना को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता डेटा की सुरक्षा होती है। इस पर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा के उच्च मानकों के साथ डेटा को सुरक्षित किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की जानकारी लीक होने की संभावना नहीं है।

अब तक 1.20 करोड़ परिवारों का हुआ सूचीकरण

प्रधानमंत्री ने बताया कि जिन राज्यों में स्व-गणना का कार्य पूरा हो चुका है, वहां घरों के सूचीकरण का काम भी शुरू हो गया है। अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना का अनुभव पहले से अलग और अधिक आधुनिक होगा।

दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की जनगणना दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया है। इतने बड़े स्तर पर डेटा इकट्ठा करना और उसे व्यवस्थित करना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में हर नागरिक की भागीदारी इस प्रक्रिया को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

‘आइए, मिलकर जनगणना 2027 को बनाएं सफल’

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि सही और सटीक जानकारी देने से ही देश की योजनाएं बेहतर बनेंगी और विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचेगा। पीएम मोदी ने कहा, “आइए, हम सब मिलकर जनगणना 2027 को सफल बनाएं और एक मजबूत, सटीक और विकसित भारत की नींव रखें।”

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