नई दिल्ली। आगामी श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी प्रमुख तपन डेका, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात और सीआरपीएफ महानिदेशक जीपी सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक प्लानिंग और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती, निगरानी तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तैयारियों की समीक्षा की। इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा मार्गों को बनाया गया नो-फ्लाइंग जोन
सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों—पहलगाम और बालटाल—को 1 जुलाई से यात्रा समाप्त होने तक ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। इसके चलते इस बार यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए पैदल यात्रा करें या फिर टट्टू और पालकी सेवाओं का उपयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला यात्रा की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
सुरक्षित और सुगम यात्रा पर फोकस
गृह मंत्रालय का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु बिना किसी बाधा और पूरी सुरक्षा के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन कर सकें। बैठक में सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने और हर स्तर पर सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कश्मीर हिमालय की ऊंची पहाड़ियों में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बनने वाले प्राकृतिक हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा कर बाबा बर्फानी के दरबार में पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।