बरेली। रेलवे की ओर से ट्रैक को बेहतर बनाने के लिए किया गया मरम्मत कार्य यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। बरेली-शाहजहांपुर रेलखंड पर बंथरा, तिलहर और मीरानपुर कटरा स्टेशनों के बीच चल रहे ट्रैक सुधार कार्य के चलते रेल संचालन पूरी तरह लड़खड़ा गया। कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनें घंटों देरी से चलीं, जबकि कुछ ट्रेनें अपने शुरुआती स्टेशनों से ही लेट रवाना हुईं। इसका खामियाजा हजारों यात्रियों को भुगतना पड़ा।

बरेली जंक्शन पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ जमा रही। ट्रेनों के लगातार लेट होने की घोषणाओं ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी। कई परिवार प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करते नजर आए तो दूर-दराज के यात्रियों को अपने अगले सफर की योजना बदलनी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को हुई, जिन्हें लंबे समय तक स्टेशन पर रुकना पड़ा। ट्रेनों की लेटलतीफी में सबसे आगे 04029 आनंद विहार एक्सप्रेस रही, जो करीब 18 घंटे की देरी से बरेली पहुंची। इसके अलावा 04623 अमृतसर एक्सप्रेस आठ घंटे, 04214 अयोध्या कैंट स्पेशल साढ़े छह घंटे, 12203 अमृतसर गरीब रथ एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे और 05057 दिल्ली स्पेशल साढ़े चार घंटे की देरी से संचालित हुई। लगातार बढ़ती देरी ने यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं।

प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें भी रहीं बेपटरी

ट्रैक ब्लॉक और काशन का असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी साफ दिखाई दिया। 15074 टनकपुर-सिंगरौली एक्सप्रेस, 13152 जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस और 15910 अवध असम एक्सप्रेस करीब पांच-पांच घंटे देरी से बरेली पहुंचीं। वहीं 13042 हिमगिरी एक्सप्रेस निर्धारित समय से साढ़े पांच घंटे विलंबित रही। अधिकांश ट्रेनें अपने प्रारंभिक स्टेशनों से ही प्रभावित होकर चलीं, जिससे पूरे रूट पर समय सारिणी बिगड़ गई। वहीं बरेली होकर गुजरने वाली लखनऊ रूट की ट्रेनों की रफ्तार भी थम गई। 05302 राजधानी एक्सप्रेस करीब साढ़े दस घंटे, 04028 अयोध्या एक्सप्रेस पांच घंटे और 04214 अयोध्या कैंट स्पेशल साढ़े छह घंटे की देरी से पहुंची। इसके अलावा त्रिवेणी, हिमगिरी, सियालदाह और अवध असम जैसी प्रमुख ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित रहा।

चारबाग में प्लेटफॉर्म बदले, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

स्थिति तब और जटिल हो गई जब लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर चल रहे कार्यों के चलते 34 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदल दिए गए। समय पर सूचना नहीं मिलने से यात्रियों को प्लेटफॉर्म से प्लेटफॉर्म तक दौड़ लगानी पड़ी। त्रिवेणी एक्सप्रेस, काठगोदाम एक्सप्रेस और अवध असम एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म परिवर्तन ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक की सुरक्षा और ट्रेनों की बेहतर गति के लिए मरम्मत कार्य आवश्यक है। हालांकि यात्रियों का कहना है कि यदि ब्लॉक और प्लेटफॉर्म परिवर्तन की जानकारी समय रहते प्रभावी ढंग से दी जाए तो उन्हें अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है। फिलहाल ट्रैक सुधार कार्य का असर रेल संचालन पर साफ दिखाई दे रहा है और यात्री समय पर सफर की उम्मीद में रेलवे की व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *