बदायूं। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बदायूं के तटवर्ती इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार को नदी खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी। कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है, जबकि सड़कों के ऊपर से पानी गुजरने के कारण कई जगह कटान हो गया। हालात का जायजा लेने कमिश्नर शंभू कुमार ने डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
मंडलायुक्त ने उसहैत क्षेत्र के भुंडी तटबंध से निरीक्षण शुरू किया और रैपुरा गांव तक बाढ़ की स्थिति देखी। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। खासतौर पर कटान वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने को कहा गया।
रैपुरा में कटान रोकने के लिए बनेगी कार्ययोजना
रैपुरा गांव में गंगा के कटान को देखते हुए मंडलायुक्त ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्रा को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अभियंताओं के मुताबिक यहां तट की मिट्टी बलुई होने के कारण कटान रोकना चुनौतीपूर्ण है। टीम दिन-रात बचाव कार्य में जुटी है और कटान को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है। दातागंज एसडीएम विनोद कुमार ने मंडलायुक्त को बताया कि तहसील क्षेत्र के 25 बाढ़ प्रभावित गांवों में अब तक 6270 राशन किट बांटी जा चुकी हैं। गंगा पार स्थित जटा, रैपुरा और आसपास के गांवों में स्वास्थ्य विभाग के शिविर लगाए जा रहे हैं। यहां ग्रामीणों की जांच के साथ जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची गंगा
बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर 162.63 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर है। रैपुरा और पथरामई तटबंध पर बाढ़ खंड की टीमें बचाव कार्य में लगी हैं। सैंड बैग और बांस आदि की मदद से तटों को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि रैपुरा में कटान काफी कम हुआ है और पथरामई तटबंध फिलहाल सुरक्षित है। बाढ़ का असर गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर भी दिखाई दे रहा है। रफतपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क के ऊपर से पानी खेतों में पहुंच रहा है। लगातार तेज बहाव के कारण सड़क कई जगह से कट गई है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। खेतों में लगातार पानी भरने से खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।