UP NEWSकमिश्नरी में गांधी-शास्त्री को नमन

बरेली। गांधी जयंती पर शुक्रवार को कमिश्नरी समेत विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को याद किया गया। कमिश्नरी परिसर में मंडलायुक्त शंभू कुमार ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनका मानना था कि बड़े बदलाव के लिए अहिंसा और सत्याग्रह सबसे प्रभावी हथियार हैं। गांधी के विचारों ने केवल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि पूरी दुनिया में सामाजिक न्याय, शांति और अहिंसा का संदेश पहुंचाया।

गांधी जयंती सिर्फ पर्व नहीं, विचारों को अपनाने का दिन

मंडलायुक्त ने कहा कि गांधी जयंती को केवल अवकाश या पर्व के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह दिन उनके सिद्धांतों और आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। गांधी का मानना था कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा के बजाय बातचीत और शांतिपूर्ण विरोध से निकाला जा सकता है। उन्होंने सादा जीवन और स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। गांधी जब कठिन परिस्थितियों में होते थे तो गीता का अध्ययन करते थे। गीता में उपनिषदों का सार समाहित है और उसकी शिक्षाओं को जीवन में उतारने की जरूरत है।

शास्त्री के योगदान को भी किया याद

मंडलायुक्त ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। शास्त्री का मानना था कि समाज में बदलाव लाना है तो उसकी शुरुआत सबसे पहले स्वयं से करनी चाहिए। कार्यक्रम में आयुक्त कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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