पीलीभीत। गोवा घूमने का सपना है, लेकिन लंबी दूरी और भारी-भरकम खर्च आड़े आ रहा है तो पीलीभीत का चूका बीच बेहतरीन विकल्प बन सकता है। साल के घने जंगल, दूर तक फैला शारदा सागर डैम, हरियाली और पानी के किनारे बना प्राकृतिक बीच सैलानियों को कम बजट में गोवा जैसा आनंद देता है। मिनी गोवा के नाम से मशहूर इस पर्यटन स्थल की तस्वीर अब और खूबसूरत होने जा रही है।
पुरानी हटों की जगह मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज स्थित चूका बीच पर बनी पुरानी बांस की हटों को हटाकर अत्याधुनिक फैब्रिकेटेड हट बनाई जाएंगी। इनमें पर्यटकों के आराम और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने निर्माण कार्य अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि नवंबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सत्र में सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जंगल, पानी और बीच का अनोखा संगम
शारदा सागर डैम के किनारे करीब दो हेक्टेयर में फैला चूका बीच प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी छिपे हुए खजाने से कम नहीं है। एक तरफ साल के घने जंगल और दूसरी ओर शांत पानी का विशाल विस्तार इसकी खूबसूरती को खास बनाता है। पानी के किनारे बैठकर सूर्योदय और सूर्यास्त देखने का अनुभव पर्यटकों को समुद्री बीच जैसा अहसास कराता है। यही कारण है कि इसे उत्तर प्रदेश का मिनी गोवा कहा जाने लगा है।
ट्री टॉप से वॉटर हट तक, ठहरने का खास इंतजाम
चूका बीच पर अभी ट्री टॉप हट, चार थारू हट, बायो वॉटर हट और अरण्य कुटी संचालित हैं। यहां इको विकास समिति के माध्यम से डबल स्टोरी कैंटीन भी चलाई जा रही है। नई योजना के तहत हटों को आधुनिक बनाने के साथ कैंटीन की व्यवस्था सुधारी जाएगी और पर्याप्त शौचालय बनाए जाएंगे।
ईको टूरिज्म पर खर्च होंगे 1.96 करोड़ रुपये
लखनऊ में आयोजित पीलीभीत टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन के शासी निकाय की तीसरी बैठक में ईको टूरिज्म और ईको विकास को लेकर विस्तार से मंथन किया गया। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और राज्यमंत्री केपी मलिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 1.96 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया।
नवंबर से शुरू होगा पर्यटन का नया सफर
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र नवंबर से शुरू होने वाला है। इससे पहले चूका बीच की सुविधाओं को नया रूप देने की तैयारी है। आधुनिक हट, बेहतर कैंटीन और साफ-सुथरे शौचालय तैयार होने से यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को जंगल सफारी के साथ बीच पर्यटन का भी शानदार अनुभव मिल सकेगा।