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नई दिल्ली। जिम जाने वालों के बीच क्रिएटिन सप्लीमेंट आजकल सबसे ज्यादा चर्चित नाम बन चुका है। कोई इसे मसल्स बढ़ाने का आसान तरीका मानता है, तो कोई इसे किडनी के लिए खतरनाक बताता है। सोशल मीडिया और जिम सर्कल में फैली अधूरी जानकारी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या क्रिएटिन सच में किडनी को नुकसान पहुंचाता है या यह सिर्फ एक मिथक है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि सच्चाई बीच में है, जिसे समझना बेहद जरूरी है।

क्या है क्रिएटिन और शरीर में कैसे करता है काम

क्रिएटिन कोई बाहरी केमिकल नहीं, बल्कि शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाला कंपाउंड है। यह लिवर और किडनी में बनता है और मसल्स में ‘फॉस्फोक्रिएटिन’ के रूप में स्टोर रहता है। जब आप भारी एक्सरसाइज या वेट ट्रेनिंग करते हैं, तो शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे में क्रिएटिन शरीर की ‘इमरजेंसी बैटरी’ की तरह काम करता है और मसल्स को अतिरिक्त ताकत देता है।

बॉडीबिल्डर्स के बीच क्यों है इतना लोकप्रिय

क्रिएटिन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मसल्स की ताकत और साइज दोनों बढ़ाने में मदद करता है। यह शरीर में ATP (एनर्जी का मुख्य स्रोत) को बढ़ाता है, जिससे वर्कआउट के दौरान थकान देर से आती है और व्यक्ति ज्यादा रिप्स कर पाता है। इसके अलावा यह मसल्स सेल्स में पानी खींचता है, जिससे मसल्स ज्यादा भरे हुए और मजबूत दिखते हैं। यही वजह है कि यह सप्लीमेंट जिम करने वालों की पहली पसंद बन चुका है।

किडनी डैमेज का डर कहां से आया

क्रिएटिन को लेकर सबसे बड़ा डर ‘क्रिएटिनिन’ शब्द से जुड़ा है। जब शरीर क्रिएटिन का उपयोग करता है, तो उससे क्रिएटिनिन बनता है, जिसे डॉक्टर किडनी फंक्शन जांचने के लिए मापते हैं। अगर आप क्रिएटिन सप्लीमेंट लेते हैं, तो शरीर में क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ सकता है। कई बार इसे गलत तरीके से किडनी डैमेज समझ लिया जाता है, जबकि असल में ऐसा जरूरी नहीं होता।

एक्सपर्ट की राय: हर किसी के लिए अलग असर

नेफ्रोलॉजिस्ट्स के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ है और सीमित मात्रा में क्रिएटिन लेता है, तो इससे किडनी को नुकसान होने के ठोस सबूत नहीं हैं। हालांकि, जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उनके लिए यह सप्लीमेंट जोखिम भरा हो सकता है। यानी क्रिएटिन का असर व्यक्ति की सेहत और उसकी मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भर करता है।

ज्यादा लेने पर क्या हो सकते हैं साइड इफेक्ट

किसी भी सप्लीमेंट की तरह क्रिएटिन का ज्यादा सेवन भी नुकसान पहुंचा सकता है। अधिक मात्रा लेने पर पेट दर्द, गैस, ब्लोटिंग और शरीर में पानी रुकने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में पानी कम पीने पर डिहाइड्रेशन भी हो सकता है, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

कितनी मात्रा है सुरक्षित

एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोजाना 3 से 5 ग्राम क्रिएटिन पर्याप्त माना जाता है। इससे ज्यादा लेने से फायदा नहीं बढ़ता, बल्कि शरीर पर असर उल्टा पड़ सकता है। इसलिए एक्सपर्ट हमेशा नियंत्रित मात्रा में ही सेवन करने की सलाह देते हैं।

किन लोगों को रहना चाहिए सावधान

क्रिएटिन हर किसी के लिए सही नहीं है। जिन लोगों को पहले से किडनी की समस्या है, हाई ब्लड प्रेशर है या कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। बिना सलाह के सप्लीमेंट लेना लंबे समय में नुकसानदायक हो सकता है।

पानी की कमी बना सकती है बड़ा खतरा

क्रिएटिन मसल्स में पानी खींचता है, इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो किडनी और अन्य अंगों के लिए नुकसानदायक है। इसलिए क्रिएटिन लेने वालों को दिनभर में ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है।

खाने से भी मिल सकता है क्रिएटिन

क्रिएटिन सिर्फ सप्लीमेंट में ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से खाने में भी पाया जाता है। रेड मीट, मछली और चिकन में इसकी मात्रा होती है, लेकिन जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा पाने के लिए बहुत ज्यादा खाना पड़ेगा। इसी वजह से लोग सप्लीमेंट को आसान विकल्प मानते हैं।

असली खतरा: नकली और घटिया सप्लीमेंट

क्रिएटिन से ज्यादा खतरा बाजार में बिक रहे नकली या घटिया क्वालिटी के सप्लीमेंट से है। मिलावटी प्रोडक्ट किडनी और लिवर दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए हमेशा भरोसेमंद ब्रांड और प्रमाणित प्रोडक्ट ही इस्तेमाल करना चाहिए।

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