नई दिल्ली। देशभर में साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक बड़े गिरोह का दिल्ली पुलिस की ईस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 10 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पीओएस मशीनें, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था।

बेरोजगारों को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेरोजगार, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे। उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे और बाद में एटीएम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी और मोबाइल नंबर अपने कब्जे में ले लिए जाते थे।

साइबर ठगों को बेच देते थे बैंक खाते

जांच में पता चला कि गिरोह इन खातों और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स को देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों को बेच देता था। साइबर ठग इन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम मंगाने और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर गायब करने के लिए करते थे।

केरल की महिला से ठगी ने खोला राज

इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब केरल निवासी जीजी शाइन साइबर ठगी का शिकार हो गईं। उनके खाते से दो लाख रुपये की ठगी हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम यस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद तकनीकी जांच और बैंक खातों की पड़ताल में पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।

दिल्ली-एनसीआर से हरियाणा तक फैला था नेटवर्क

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दिल्ली, नोएडा और हरियाणा के करनाल से जुड़े हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विजय कुमार, प्रदीप कुमार, यतेंद्र कुमार, मुकेश, विनेश, गुरबाज सिंह, अमन, सूरज यादव, गौरव नाहर और लक्ष्मण के रूप में हुई है।

भारी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 पीओएस मशीनें, विभिन्न बैंकों की 27 चेकबुक, 17 एटीएम कार्ड और 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितनी साइबर ठगी को अंजाम दिया गया और इसके तार किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *