जमशेदपुर। जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रविवार देर रात हुई सनसनीखेज हत्या ने पूरे शहर को दहला दिया है। स्टेशन के नए लॉबी गेट के पास बाइक सवार अपराधियों ने रेलवे स्टाफ को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मार दी। गोली सीधे माथे में मारी गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस वारदात ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लॉबी गेट पर घात, नजदीक से दागी गोली
जानकारी के मुताबिक, मृतक जीके मीणा देर रात रेलवे के लोको पायलट लॉबी गेट की ओर जा रहे थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे दो बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद करीब से उनके माथे पर पिस्टल सटाकर गोली दागी। गोली लगते ही मीणा जमीन पर गिर पड़े और तड़पने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले से पूरी प्लानिंग कर रखी थी और वारदात के बाद अंधेरे और कम रोशनी का फायदा उठाकर आसानी से निकल गए। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और रेलकर्मियों में दहशत का माहौल फैल गया।
ठेकेदारी और जमीन कारोबार से जुड़े तार
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जीके मीणा केवल रेलवे कर्मचारी ही नहीं थे, बल्कि जमीन कारोबार और ठेकेदारी में भी सक्रिय थे। सूत्रों के अनुसार, रेलवे पार्किंग और स्टेशन विस्तार से जुड़े कई कामों में उनकी भूमिका थी। इसके अलावा आगामी टेंडरों में भी उनकी दिलचस्पी थी। इसी कारण पुलिस को शक है कि यह हत्या किसी व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता या ठेकेदारी विवाद का परिणाम हो सकती है।
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, एक खोखा बरामद
घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी ललित मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से एक कारतूस का खोखा बरामद किया है। इसके अलावा स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे जमीन विवाद, ठेकेदारी रंजिश और पुरानी दुश्मनी समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
स्टेशन बना असामाजिक तत्वों का अड्डा?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि टाटानगर स्टेशन का नया लॉबी गेट इलाका रात के समय असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। यहां संदिग्ध लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन पुलिस गश्त बेहद कम होती है। यही वजह है कि अपराधी बेखौफ होकर इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहा है कि इतने संवेदनशील स्थान पर अपराधी हथियार लेकर कैसे पहुंचे और वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए। रेलवे कर्मचारियों ने भी सुरक्षा बढ़ाने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
परिवार और सहकर्मियों में शोक, इलाके में दहशत
जीके मीणा की हत्या के बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया है। वहीं रेलवे कर्मचारियों में भी आक्रोश और डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर स्टेशन जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम जगहों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।