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मॉस्को/नई दिल्ली। रूस ने भारत को एक बार फिर अत्याधुनिक Kalibr-PL missile का ऑफर देकर रक्षा सहयोग को नया आयाम देने की कोशिश की है। यह मिसाइल भारतीय नौसेना की पनडुब्बियों को 1500 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने की ताकत दे सकती है। अगर यह सौदा होता है, तो समुद्र के भीतर से ही दुश्मन के ठिकानों पर ‘घर में घुसकर’ हमला करना संभव हो जाएगा।

पनडुब्बियों से होगा लॉन्च, नहीं चाहिए बड़े बदलाव

Kalibr-PL मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे मौजूदा पनडुब्बियों के 533 मिमी टॉरपीडो ट्यूब से ही लॉन्च किया जा सकता है। यानी भारतीय नौसेना की सिंधुघोष श्रेणी पनडुब्बियां में इसे तैनात करने के लिए किसी बड़े तकनीकी बदलाव की जरूरत नहीं होगी।

1500 किमी की रेंज, ‘डीप स्ट्राइक’ क्षमता

यह मिसाइल करीब 1500 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। इसका मतलब है कि भारतीय पनडुब्बियां समुद्र के बीच रहकर ही दुश्मन के एयरबेस, कमांड सेंटर और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकती हैं। यह क्षमता भारतीय नौसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा सकती है।

हाई-टेक गाइडेंस, सटीक निशाना

Kalibr-PL मिसाइल सैटेलाइट गाइडेंस और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल करती है, जिससे यह बेहद सटीक हमला करती है। यह 450-500 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है, जो बड़े सैन्य ठिकानों को तबाह करने की ताकत रखता है। रूस की एजेंसी Rosoboronexport और रूबिन डिजाइन ब्यूरो पहले भी भारतीय नौसेना को इस मिसाइल का प्रेजेंटेशन दे चुके हैं। हालिया प्रस्ताव में इसे एक मॉड्यूलर सिस्टम बताया गया है, जो पारंपरिक पनडुब्बियों को मल्टी-रोल स्ट्रैटजिक प्लेटफॉर्म में बदल सकता है।

भारत का स्वदेशी प्रोजेक्ट भी जारी

भारत भी DRDO के जरिए स्वदेशी पनडुब्बी-लॉन्च क्रूज मिसाइल (SLCM) पर काम कर रहा है, जिसे Project 75-Alpha के तहत विकसित किया जा रहा है। हालांकि इसे पूरी तरह तैयार होने में अभी 4–6 साल लग सकते हैं, ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि Kalibr-PL फिलहाल एक प्रभावी अंतरिम विकल्प हो सकता है। अगर यह मिसाइल भारतीय नौसेना में शामिल होती है, तो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक बढ़त और मजबूत हो सकती है। दुश्मन के ठिकानों पर दूर से सटीक हमला करने की क्षमता भारत को एक बड़ा सामरिक फायदा देगी।

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