up newsराशन कार्ड

सरकारी राशन योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने गोंडा में बड़ा अभियान चलाया है। विशेष जांच के दौरान 7,340 राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं, अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए पांच अलग-अलग सत्यापन टीमों को भी मैदान में उतारा गया है। विभाग का कहना है कि पात्रता मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले किसी भी व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं लेने दिया जाएगा।

आधार डेटा से हुई अपात्रों की पहचान

खाद्य एवं रसद विभाग को आधार कार्ड के डेटा के विश्लेषण में पता चला कि बड़ी संख्या में ऐसे परिवार सरकारी राशन ले रहे थे, जो शासन के निर्धारित 18 पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करते। जांच में ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया जिनकी सालाना आय दो लाख रुपये से अधिक है, जिन्होंने दो लाख रुपये से ज्यादा का गेहूं या धान बेचा है, जो आयकरदाता हैं या जिनके पास चार पहिया वाहन है।

अब तक 13,192 राशन कार्ड किए जा चुके हैं निरस्त

जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई शासन के निर्देश पर नियमित अभियान के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि गोंडा जिले में अब तक 13,192 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। फिलहाल पांच टीमें घर-घर जाकर सत्यापन कर रही हैं, ताकि किसी भी अपात्र व्यक्ति को सरकारी योजना का लाभ न मिल सके।

शिकायतों के बाद शुरू हुआ अभियान

विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई संपन्न परिवार भी मुफ्त राशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके बाद शासन ने प्रदेशव्यापी जांच के आदेश दिए। गोंडा में जांच के दौरान बड़ी संख्या में अनियमितताएं सामने आने पर कार्रवाई तेज कर दी गई।

गलती से कार्ड कटा हो तो 10 दिन में करें दावा

खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का राशन कार्ड गलती से निरस्त हो गया है, तो वह 10 दिनों के भीतर संबंधित कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आपत्ति दर्ज करा सकता है। सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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