बरेली। क्योलड़िया क्षेत्र में करीब तीन महीने से ग्रामीणों के लिए दहशत का सबब बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। सोमवार रात अमीर नगर के जंगल में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। मंगलवार सुबह ग्रामीण की नजर उस पर पड़ी तो वन विभाग को सूचना दी गई। टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को अपने कब्जे में ले गई। इसके बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।
सुबह छह बजे पिंजरे में दिखा तेंदुआ
अमीर नगर और आसपास के इलाके में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीण भयभीत थे। मंगलवार सुबह करीब छह बजे गांव के प्रताप सिंह जंगल की ओर गए तो उनकी नजर वन विभाग के पिंजरे पर पड़ी। अंदर तेंदुआ कैद था। खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी पहुंच गई और तेंदुए को वहां से ले गई।
कुत्तों को उठा ले जाने के बाद लगाया था पिंजरा
क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आ रही थीं। बदन सिंह के मकान के पास से कुत्तों को उठा ले जाने की घटना के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने की रणनीति बनाई थी। छह सितंबर को अमीर नगर के जंगल में पिंजरा लगाया गया। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए उसमें बकरी रखी गई थी।
16 दिन बाद वन विभाग को मिली सफलता
पिंजरा लगाने के बाद वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए के फंसने का इंतजार कर रही थी। आखिर 16 दिन बाद सोमवार रात तेंदुआ पिंजरे में पहुंचा और कैद हो गया। करीब तीन महीने से तेंदुए की दहशत के कारण ग्रामीण खासकर रात के समय खेतों और जंगल की ओर जाने से बच रहे थे। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अब क्षेत्र के लोगों में राहत है।