बरेली। अलीगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में सगे चचेरे भाई-बहन की जान चली गई। पड़ोस की दुकान से रस्क लेकर लौट रहे दोनों मासूमों पर अचानक पुरानी पक्की दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
थाना क्षेत्र के कैनी गांव निवासी अजीत कश्यप और नन्हे कश्यप सगे भाई हैं। दोनों मजदूरी के लिए बाहर रहते हैं, जबकि उनके बच्चे गांव में दादी के साथ रहते थे। बृहस्पतिवार सुबह आठ वर्षीय अंशु और सात वर्षीय इशिका पड़ोस की दुकान से रस्क लेने गए थे। दोनों जैसे ही सामान लेकर वापस लौट रहे थे, रास्ते में खड़ी एक जर्जर पक्की दीवार अचानक भरभराकर उनके ऊपर गिर गई।
मलबे में दबे दोनों मासूम, दौड़ पड़े ग्रामीण
दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना देर किए मलबा हटाना शुरू किया और दोनों बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि अंशु और इशिका बुधवार को ही अपने ननिहाल से दादी के घर लौटे थे। माता-पिता के बाहर मजदूरी करने की वजह से दोनों बच्चों की परवरिश दादी ही कर रही थीं। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही दिन इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
माता-पिता को मिली खबर, मचा कोहराम
हादसे की सूचना मिलते ही बच्चों के माता-पिता को फोन पर जानकारी दी गई। खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं और हर किसी की आंखें नम हैं। सूचना पर अलीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी और जर्जर दीवारों की समय रहते मरम्मत या उन्हें हटाया जाता तो शायद यह हादसा टल सकता था।