बरेली। सिविल लाइंस के रमाडा होटल के पूर्व कर्मचारी के साथ मारपीट, बंधक बनाकर रखने, मोबाइल छीनने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों का मामला अदालत पहुंच गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीओ तृतीय (एएसपी) को जांच के आदेश दिए हैं। सीओ को जांच पूरी कर 14 जुलाई तक रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी।
सीबीगंज थाना क्षेत्र के महेशपुरा निवासी मोहम्मद साजिद अंसारी ने अदालत में दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह पहले रमाडा इन्कोर होटल में काम करता था। बेहतर पैकेज मिलने पर उसने 16 दिसंबर 2025 को नौकरी छोड़ दी और 17 जनवरी 2026 से दूसरे होटल में काम शुरू कर दिया। आरोप है कि 19 मई को होटल मालिक सौरभ मेहरोत्रा ने फोन कर उसे होटल बुलाया। वहां पहुंचते ही गाली-गलौज की व होटल के मैनेजर विकास बिष्ट, एचआर मैनेजर पवन जोशी और अकाउंटेंट मैनेजर सुमंत राय ने उसे पकड़ लिया।
बंधक बनाकर पीटने और मोबाइल छीनने का आरोप
पीड़ित ने कोर्ट को बताया कि रमाडा होटल के मालिक ने तीनों लोगों के साथ उसे हाउसकीपिंग रूम में ले गए, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। आरोप है कि इस दौरान उसका आईफोन, दो सिम और जरूरी डाटा भी छीन लिया। पीड़ित का कहना है कि करीब दो घंटे तक उसे बंधक बनाकर रखा गया और दोबारा उसी होटल में नौकरी करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
एफआईआर न होने पर कोर्ट पहुंचा पीड़ित
साजिद का कहना है कि उसने घटना की शिकायत बारादरी पुलिस और उच्चधिकारियों से की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के प्रियंका श्रीवास्तव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य फैसले का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आदेश दिया है।